प्रदीप कुमार, दुर्ग National Teacher Award जिले ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। जिले के हनोदा मिडिल स्कूल की शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह का चयन इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए हुआ है। गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषय को बच्चों के लिए आसान और मजेदार बनाने की उनकी अनोखी शैली ने उन्हें यह बड़ा सम्मान दिलाया है।
प्रदेश से सामान्य वर्ग में यह पुरस्कार हासिल करने वाली वह इस साल की एकमात्र शिक्षिका हैं। National Teacher Award
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डॉ. प्रज्ञा सिंह 3 सितंबर को दिल्ली रवाना होंगी और 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करेंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि पूरे दुर्ग जिले के लिए गौरव का क्षण है।
तीन बार असफल, चौथी बार मिली सफलता
डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि उन्होंने इससे पहले तीन बार इस पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, लेकिन नेशनल ज्यूरी के सामने प्रेजेंटेशन में हमेशा कुछ कमी रह जाती थी। इस बार उन्होंने पूरी तैयारी के साथ प्रविष्टि भेजी और साक्षात्कार दिया।
8 अगस्त को दिल्ली में हुए इंटरव्यू में उन्होंने अपने नवाचार और शिक्षण पद्धति पर विस्तार से प्रस्तुति दी, जिसके बाद उनका चयन हुआ। National Teacher Award https://dainikhistory.com/
गणित को रोचक बनाने की अनूठी पहल
गणित को अक्सर बच्चे मुश्किल मानते हैं, लेकिन डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इसे आसान बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए।
स्कूल में मैथ्स लैब और मैथ्स पार्क की स्थापना की। National Teacher Award
दीवारों और फर्श पर संख्याएं और गणितीय सूत्र लिखकर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया।
लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे खेलों के जरिए जोड़-घटाना सिखाया। National Teacher Award
बच्चों के लिए खास शतरंज का मॉडल तैयार किया, जिससे वे घातांकों की अवधारणा आसानी से समझ सकें।
अभाज्य संख्याओं को समझाने के लिए आकर्षक मॉडल बनाए।
पीटी और स्पोर्ट्स में भी गणित जोड़ा, जैसे दौड़, संतुलन और टीम गेम्स के जरिए गणितीय कॉन्सेप्ट्स सिखाना।
इन प्रयोगों का नतीजा यह रहा कि बच्चों की गणितीय समझ में 100% सुधार हुआ और अब वे गणित को बोझ नहीं, बल्कि मजेदार विषय मानते हैं। National Teacher Award
शिक्षा में नवाचार की मिसाल
डॉ. प्रज्ञा सिंह ने अब तक 500 से अधिक टीचिंग-लर्निंग मटेरियल तैयार किए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने खर्चे से स्कूल का जीर्णोद्धार कराया और ऐसा वातावरण बनाया जो बच्चों के सीखने के लिए आसान और आकर्षक हो।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उनके पति शुभेंदु सिंह, जो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ हैं, हर कदम पर उनका साथ देते रहे। उनके दोनों बेटों और परिजनों ने भी इस सफर में उनका हौसला बढ़ाया।
स्कूल में जश्न का माहौल
डॉ. प्रज्ञा सिंह के राष्ट्रीय चयन की खबर मिलते ही हनोदा मिडिल स्कूल में जश्न का माहौल बन गया।
स्कूल के प्रिंसिपल परमानंद देवांगन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रज्ञा मैडम ने स्कूल और गांव का नाम रोशन किया है। जैसे ही चयन की जानकारी वाला ईमेल आया, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। पूरा स्टाफ और बच्चे झूम उठे, मिठाइयां बांटी गईं। National Teacher Award
बच्चों ने भी गर्व से कहा कि मैडम हमें खेल-खेल में गणित सिखाती हैं, जिससे हमें अब कोई परेशानी नहीं होती। पहले जो विषय कठिन लगता था, अब वही सबसे आसान और मजेदार हो गया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित होने जा रहीं डॉ. प्रज्ञा सिंह ने यह साबित कर दिया कि अगर पढ़ाने की नीयत और तरीका बदल जाए तो सबसे कठिन विषय भी बच्चों का पसंदीदा बन सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल दुर्ग जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। National Teacher Award