बस्तर। inspection of schools शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर बस्तर जिले में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बस्तर विकासखंड की खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भारती देवांगन ने संकुल बोड़नपाल-02 के अंतर्गत आने वाले कई शासकीय शालाओं का निरीक्षण किया।
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इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य था – शैक्षणिक स्तर की समीक्षा, स्कूल भवन और छात्रावास की स्थिति का जायजा लेना, शिक्षकों की उपस्थिति देखना और बच्चों की पढ़ाई में उनकी दक्षता को समझना।inspection of schools
शिक्षकों को मिले सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान भारती देवांगन ने शिक्षकों से साफ कहा कि वे वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई करवाएं। खासतौर पर बच्चों की भाषा और गणितीय दक्षता पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने यह भी देखा कि मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता कैसी है, भवन सुरक्षित है या नहीं और छात्रावास में बच्चों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं।inspection of schools
अलग-अलग स्कूलों में क्या-क्या हुआ निरीक्षण?
एकलव्य आवासीय विद्यालय, बेसोली
यहां भवन और छात्रावास की स्थिति का जायजा लिया गया। पेयजल की समस्या पर भी चर्चा हुई। प्राचार्य को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए।inspection of schools
कन्या आश्रम, बेसोली
यहां उन्होंने खुद बच्चों को पढ़ाया और पहाड़ा, वर्णमाला व सामान्य ज्ञान की जांच की। भवन जर्जर होने की वजह से अन्यत्र चल रही कक्षाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई।inspection of schools
कन्या शिक्षा परिसर, भानपुरी https://dainikhistory.com/
इस स्कूल में उन्होंने शिक्षकों के साथ संवाद कर बोर्ड परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन और उत्तर लेखन पर जोर दिया। प्रयोगशालाओं के उपयोग को और बढ़ाने के निर्देश भी दिए।inspection of schools
प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, बेसोली
यहां भवन की जांच, मध्यान्ह भोजन का स्वाद और गुणवत्ता चखी गई। बच्चों से भाषा और गणित के सवाल पूछे। खास बात यह रही कि “जादुई पिटारा” (Magic Kit) के प्रयोग की उन्होंने सराहना की।inspection of schools
प्राथमिक शाला, खालेपारा
इस स्कूल में बैठने की कमी और कक्षा व्यवस्था पर नाराज़गी जताई। शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 10 दिन के भीतर सुधार लाएं और सहायक सामग्रियों का सही उपयोग करें।inspection of schools
प्राथमिक शाला, खुटगुड़ा
यहां उन्होंने बहुभाषा कार्यक्रम की अभ्यास पुस्तिका देखी। शिक्षकों से कहा कि वे नियमित अभ्यास कार्य कराएं और संदर्शिका (Reference Register) को अपडेट रखें।
गुणवत्ता सुधार पर विशेष बल
निरीक्षण पूरा होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने कहा कि –
“शिक्षा की गुणवत्ता को ऊँचाई तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए शिक्षकों का निरंतर प्रयास, ईमानदारी और नवाचार बेहद जरूरी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल आएं और पढ़ाई को मजेदार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाएं। बच्चों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए और हर महीने शिक्षण कार्य योजना बनाई जाए।
शिक्षा में सुधार की दिशा में अहम कदम
निरीक्षण के दौरान यह साफ झलक रहा था कि बस्तर के स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षा गुणवत्ता दोनों पर ही जोर दिया जा रहा है। कहीं भवनों की मरम्मत की जरूरत है तो कहीं बैठने की कमी बच्चों को परेशान कर रही है। लेकिन शिक्षकों और अधिकारियों की सक्रियता बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत देती है। इस मौके पर संकुल समन्वयक शगजेंद्र सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे और उन्होंने निरीक्षण में सहयोग किया।
(“During the inspection, it was clearly visible that emphasis is being laid on both facilities and the quality of education in Bastar schools. While some schools need building repairs, others face a shortage of seating arrangements that troubles the children. However, the activeness of teachers and officials reflects a positive sign towards shaping a better future for the students. On this occasion, Sankul Coordinator Shagjendra Singh Thakur was also present and extended his support during the inspection.”)