प्रदीप कुमार दुर्ग। Unique thief पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी सुनकर लोग भी हैरान रह गए। यह चोर न तो सोना-चांदी पर हाथ डालता था और न ही किसी का कीमती सामान चुराता था। उसका टारगेट सिर्फ और सिर्फ मंदिर की दान पेटी होती थी। और हैरानी की बात ये कि चोरी से पहले और बाद में वह भगवान को प्रणाम करना कभी नहीं भूलता था।
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(Durg. Police have arrested a thief whose story has left people shocked. This thief neither touched gold and silver nor stole anyone’s valuables. His only target was the temple donation box. What’s even more surprising is that he never forgot to bow before God both before and after committing the theft.) Unique thief
(Durg police have arrested a cunning thief who used to steal only from temple donation boxes. What makes the case unusual is that he had a habit of bowing to God both before and after the theft. The accused has confessed to committing thefts in as many as 10 temples so far.)
जय भगवान कहकर करता था चोरी की शुरुआत
आरोपी का नाम यशवंत उपाध्याय बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह चोरी करने से पहले मंदिर जाता, दान पेटी तक पहुंचने से पहले भगवान के सामने हाथ जोड़कर “जय भगवान” कहता और प्रणाम करता। इसके बाद आराम से ताला तोड़कर दान पेटी में रखी रकम निकाल लेता। चोरी करने के बाद जब मंदिर से बाहर निकलता, तब भी भगवान को प्रणाम करके ही बाहर जाता।https://dainikhistory.com/ Unique thief
बीमारी से परेशान होकर चुनी चोरी की राह
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि आरोपी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और इसी कारण उसने भगवान से नाराज होकर मंदिरों को ही निशाना बनाना शुरू किया। वह कहता था – “भगवान ने मुझे ही ऐसी बीमारी क्यों दी।” नाराजगी के चलते उसने ठान लिया कि सिर्फ मंदिरों से ही चोरी करेगा। Unique thief
पकड़ाने में CCTV और नागरिकों की बड़ी भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में सीसीटीवी कैमरों और जागरूक नागरिकों की बड़ी भूमिका रही। पुलिस ने ‘त्रिनयन एप’ और फुटेज की मदद से उसकी पहचान की। वहीं स्थानीय लोगों ने भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दी।Unique thief
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपी के पास से 1,282 रुपये के सिक्के और एक जुपिटर वाहन बरामद किया है। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी जेल जा चुका है। 2011-12 में वह मारपीट के मामले में गिरफ्तार हुआ था और उसी दौरान जेल में उसकी मुलाकात कई अपराधियों से हुई। जेल से निकलने के बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली।Unique thief
इस तरह देता था वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि आरोपी चोरी करने से पहले मंदिरों की रेकी करता था। फिर अपने जुपिटर स्कूटर को मंदिर से थोड़ी दूरी पर खड़ा करता। कपड़े बदलकर पैदल मंदिर पहुंचता और चोरी कर लेता। वारदात के बाद वापस जाकर कपड़े बदलता और गलियों से निकल जाता ताकि सीसीटीवी कैमरे में कैद न हो।
10 मंदिरों में की चोरी कबूल
आरोपी ने अब तक 10 मंदिरों में चोरी करने की बात कबूल की है। इन मंदिरों में थाना नेवई, सुपेला, पद्मनाभपुर, भिलाई नगर और भिलाई भट्ठी क्षेत्र के मंदिर शामिल हैं। पुलिस अब उससे और पूछताछ कर रही है कि कहीं उसने अन्य जगह भी वारदात तो नहीं की।
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पुलिस ने जताया नागरिकों का आभार
दुर्ग पुलिस ने कहा कि इस तरह की वारदातों को रोकने में नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। जागरूक लोगों की मदद और अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरों की वजह से ही आरोपी तक पहुंचना संभव हो पाया।
मंदिर की दान पेटी से चोरी करने वाला यह चोर अपनी आदत और सोच के कारण सबके लिए चर्चा का विषय बन गया है। चोरी के वक्त भी भगवान को प्रणाम करना और केवल मंदिरों को ही निशाना बनाना उसकी कहानी को अजीब बना देता है। हालांकि पुलिस की सतर्कता और लोगों के सहयोग से आखिरकार यह शातिर चोर सलाखों के पीछे पहुंच गया।