देवरी। श्रद्धा और उत्साह का पर्व गणेश चतुर्थी अब नजदीक है और इसके स्वागत की तैयारियां पूरे देश में जोरों पर चल रही हैं। इसी कड़ी में देवरी क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा में इस बार युवाओं ने गणपति बप्पा के स्वागत की कमान संभाली है। यहां नवयुवा मंडल समिति रम्पुरा के युवा 15 दिन पहले से ही तैयारी में जुटे हुए हैं। पंडाल से लेकर सजावट और कार्यक्रमों तक हर व्यवस्था को लेकर युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
युवाओं का जोश बारिश में भी नहीं हुआ कम
गांव के मंदिरों और गलियों में इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा है – “27 अगस्त को गणपति बप्पा का आगमन”। खास बात यह है कि पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने तैयारियों में कुछ बाधा जरूर डाली है, लेकिन युवाओं का जोश और समर्पण जरा भी कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी वे पंडाल सजाने और व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं।
नवयुवक मंडल समिति के अध्यक्ष सूरज लोधी ने बताया कि –
“हम पिछले पांच वर्षों से लगातार गणपति बप्पा को विराजमान कर रहे हैं। पूरे मोहल्ले के सहयोग से हर साल यह आयोजन सफल होता है। इस बार भी सभी मिलकर बड़े उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाने की तैयारी में जुटे हैं।”
11 दिन तक चलेगा गणेशोत्सव
ग्राम रम्पुरा में इस बार गणपति बप्पा 27 अगस्त को पंडाल में विराजमान होंगे। इसके बाद पूरे 11 दिन तक लगातार धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम और झांकी प्रस्तुत की जाएगी। खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आयोजन रखे गए हैं।
युवाओं का कहना है कि इस बार की झांकी पहले से बिल्कुल अलग और विशेष होगी। इसमें धार्मिक झलकियों के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे ताकि लोग केवल पूजा और मनोरंजन ही नहीं, बल्कि समाज से जुड़े मुद्दों के प्रति भी जागरूक हो सकें।
मोहल्ले का सामूहिक सहयोग
गणेशोत्सव का सबसे खास पहलू यह है कि यह सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मोहल्ले और गांव के लोग इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। कोई आर्थिक मदद दे रहा है तो कोई श्रमदान। महिलाएं प्रसाद और भोग की तैयारी में लगी हुई हैं, वहीं बच्चे पंडाल की सजावट में युवाओं का हाथ बटा रहे हैं।
सूरज लोधी ने कहा –
“गणेशोत्सव अब हमारे गांव की परंपरा और पहचान बन गया है। हर साल बच्चे हों या बुजुर्ग, सबको बप्पा के आगमन का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह उत्सव सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गांव की एकता और भाईचारे को भी मजबूत करता है।”
बारिश के बावजूद उमंग बरकरार
बारिश की वजह से कई बार पंडाल बनाने में मुश्किलें आ रही हैं। लकड़ी, कपड़े और सजावट का सामान भीग जाने से काम की गति थोड़ी धीमी हो जाती है, लेकिन फिर भी युवाओं ने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि चाहे मौसम जैसा भी हो, बप्पा के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
गणेशोत्सव में उमड़ेगी भीड़
रम्पुरा गांव का यह गणेशोत्सव अब सिर्फ एक मोहल्ले का आयोजन नहीं रह गया है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। 11 दिन तक यहां धार्मिक वातावरण के साथ-साथ मेले जैसा दृश्य रहता है। बच्चों के लिए झूले और खेलकूद, महिलाओं के लिए भजन-कीर्तन और पुरुषों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
गांववासियों का कहना है कि –
“गणेशोत्सव हमारे लिए सिर्फ पूजा का समय नहीं है, बल्कि यह 11 दिन का सामाजिक मिलन समारोह होता है जिसमें हर कोई जुड़ता है।”