नई दिल्ली/रायपुर। प्रदीप कुमार दुर्ग भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मनीष पाण्डेय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग ठाकुर से आत्मीय भेंट की। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि बेहद आत्मीय और सार्थक रही। दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ के युवाओं की चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
छत्तीसगढ़ के युवाओं का मुद्दा मुख्य केंद्र में
इस मुलाकात के दौरान Manish Pandey ने Anurag Thakur को छत्तीसगढ़ के युवाओं के सामने खड़ी चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास जैसे अहम मुद्दों को सामने रखा। पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग मेहनती और प्रतिभाशाली है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की जरूरत है।
अनुराग ठाकुर ने पाण्डेय की बातों को ध्यान से सुना और युवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है और भाजपा लगातार इस दिशा में काम कर रही है।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
बैठक में खास तौर पर रोजगार और कौशल विकास को लेकर गहन चर्चा हुई। मनीष पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें स्टार्टअप, स्वरोजगार और नई तकनीकों में भी आगे बढ़ने की जरूरत है।
इस पर अनुराग ठाकुर ने भी सहमति जताई और कहा कि आज का दौर तकनीकी क्रांति का है। अगर युवा सही कौशल और दिशा के साथ आगे बढ़ें तो वे न सिर्फ अपनी बल्कि प्रदेश और देश की तस्वीर भी बदल सकते हैं।
शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत
चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण और अंचल स्तर पर अभी भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक आसान पहुंच नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा को मजबूत किया जाए तो बेरोजगारी अपने आप घटेगी और युवा आत्मनिर्भर बनेंगे।
अनुराग ठाकुर ने इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं ला रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी इन योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।
मुलाकात का महत्व
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मनीष पाण्डेय ने जहां युवाओं की आवाज दिल्ली तक पहुंचाई, वहीं अनुराग ठाकुर जैसे अनुभवी नेता से उन्हें मार्गदर्शन भी मिला। यह मुलाकात न केवल भाजपा के संगठनात्मक रिश्तों को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी युवाओं की समस्याओं और उनके समाधान को गंभीरता से ले रहा है।