सरगुजा। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के थाना लखनपुर क्षेत्र में बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने जमगला निवासी प्रीतम कुमार रवि को गिरफ्तार कर उसके घर से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए।
अलमारी में छुपाकर रखा गया था माल
जानकारी के अनुसार, सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को 17 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि जमगला निवासी प्रीतम अपने घर में भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन छुपाकर रखे हुए है और उन्हें बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही देर रात लगभग 10 बजे टीम ने दबिश दी।
जब घर की तलाशी ली गई तो एक बड़े एल्युमिनियम ट्रंक के अंदर गर्म कपड़ों में छुपाकर रखा हुआ एक थैला मिला। इसमें 94 नग REXOGESIC इंजेक्शन और 81 नग AVIL INJECTION बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
NDPS एक्ट के तहत भेजा गया जेल
गिरफ्तार आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(C) के तहत मामला दर्ज कर 18 अगस्त को माननीय न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के साथ आबकारी उप निरीक्षक आकाश साहू, मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह और महिला सैनिक राजकुमारी सिंह मौजूद रहे। टीम की इस संयुक्त कार्रवाई की हर ओर सराहना हो रही है।
नशे के कारोबारियों में हड़कंप
आबकारी उड़नदस्ता टीम की लगातार कार्रवाई से नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि बीते कुछ महीनों में सरगुजा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में करीब 15 छोटे-बड़े इंजेक्शन, कफ सिरप और टैबलेट सप्लायर्स को जेल भेजा गया है।
इसके चलते नशीले इंजेक्शन और सिरप की कालाबाजारी बढ़ गई है। जो इंजेक्शन पहले 250 रुपये में मिलते थे, वही अब 1000 रुपये तक बिक रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब जिले में गिने-चुने ही लोग बचे हैं जो इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। इन्हें भी जल्द पकड़ लिया जाएगा, जिससे इस कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा।
क्यों हो रही है कड़ी कार्रवाई?
नशे के इंजेक्शन और कफ सिरप से युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही थी। इस वजह से जिले में आपराधिक घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी। हाल के महीनों में समाज के विभिन्न वर्गों से प्रशासन को शिकायतें मिली थीं। इसके बाद आबकारी विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की और नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने की दिशा में लगातार कदम उठाए।