ओबेदुल्लागंज । उमरिया के सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खुशखबरी है। बीईएमएल महिला कल्याण फाउंडेशन ने यहां स्थित शासकीय माध्यमिक शाला को गोद लेकर अगले कुछ महीनों में उसकी तस्वीर बदलने का वादा किया है। फाउंडेशन की अध्यक्ष पियाली राय ने सोमवार को खुद स्कूल पहुंचकर छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों से मुलाकात की और योजनाओं की जानकारी दी।
दरअसल, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया में ‘ब्रह्मा परियोजना’ (BEML Rail Hub for Manufacturing) इकाई का भूमिपूजन किया था। इस परियोजना के साथ ही बीईएमएल ने अपने सामाजिक दायित्व के तहत पास के स्कूल को गोद लेने का फैसला किया।
स्कूल को मिलेगी नई सुविधाएं
पियाली राय ने बताया कि फाउंडेशन का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में स्कूल की बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त कर दी जाएं। इसके तहत—
शौचालय की मरम्मत और सफाई व्यवस्था
पुस्तकालय की स्थापना
कंप्यूटर शिक्षा के लिए लैब
बेहतर बैठने की व्यवस्था
इसके अलावा बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों को बुलाया जाएगा, जो उन्हें बोलने और अभिव्यक्ति की झिझक दूर करने में मदद करेंगे।
महिलाओं के लिए भी योजनाएं
पियाली राय ने कहा कि फाउंडेशन केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कदम उठाएगा। इसके लिए भविष्य में कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और आजीविका के नए अवसर हासिल कर सकें।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
स्कूल गोद लेने की घोषणा के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने फाउंडेशन के इस कदम का स्वागत किया। उनका कहना है कि बच्चों को अब बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा।
इस मौके पर बीईएमएल के कई अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने आश्वासन दिया कि कंपनी गांव और स्कूल के विकास में हर संभव सहयोग करेगी।
बीईएमएल महिला कल्याण फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल बच्चों की शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेगा, बल्कि गांव में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा।