जगदलपुर। 26 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक शातिर ठग को जगदलपुर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम अनिल राय है, जो कि देश के चार राज्यों में कुल 9 मामलों में वांछित था। आरोपी ने पिग आयरन सप्लाई के नाम पर कई व्यापारियों को झांसे में लेकर करोड़ों की रकम हड़प ली थी। (The absconding accused of cheating of 26 crores was arrested from Indore, cases were registered in 4 states)
कौन है अनिल राय?
गिरफ्तार आरोपी अनिल राय (उम्र 43 वर्ष) मूल रूप से औरंगाबाद (महाराष्ट्र) का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में वह इंदौर के अपोलो डीवी सिटी में रह रहा था। अनिल राय दो कंपनियों का डायरेक्टर है – एक औरंगाबाद की ORBIT ELECTROMECH INDIA PVT LTD और दूसरी इंदौर-कोलकाता की BOLSTER TRADELINK LIMITED। इन्हीं कंपनियों की आड़ में वह करोड़ों की ठगी करता था।
ठगी का तरीका: माल एक जगह का, रकम दूसरी जगह की
अनिल राय ने व्यापारी मोहित चावड़ा से संपर्क कर उनकी कंपनी को पिग आयरन बेचने का ऑर्डर दिया। उसने अपने पर्चेस मैनेजर राहुल चौहान के ज़रिए मोहित को 209 टन पिग आयरन हैदराबाद की एक कंपनी को भेजने के लिए कहा। माल तो पहुंचा दिया गया, लेकिन रकम (करीब 90 लाख रुपये) खुद अनिल राय और उसके मैनेजर ने एमपीएल कंपनी से ले ली और मोहित को एक पैसा भी नहीं दिया।
इस ठगी में मोहित को कुल 64,51,143 रुपये का नुकसान हुआ। जब कई बार मांगने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली, तो उसने जगदलपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
जगदलपुर पुलिस की टीम ने की कार्रवाई
जगदलपुर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग व नगर पुलिस अधीक्षक अमित देवांगन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को इंदौर से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में अनिल राय ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके पास से आईफोन-13 प्रो भी जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
चार राज्यों में 9 केस, रकम 26 करोड़ से ज्यादा
जांच में सामने आया कि अनिल राय के खिलाफ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और बिहार के अलग-अलग थानों में कुल 9 केस दर्ज हैं। इन मामलों में कुल ठगी की रकम करीब 26,36,74,904 रुपये है। यही नहीं, कई मामलों में वह फरार घोषित हो चुका है और गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।
राज्यवार ठगी के मामले:
राज्य थाना ठगी की रकम
छत्तीसगढ़ रायपुर (आमानाका) ₹9.33 करोड़
छत्तीसगढ़ भिलाई (पुरानी भिलाई) ₹62.85 लाख
महाराष्ट्र औरंगाबाद (MIDC व सिडको) ₹7.71 करोड़
बिहार पटना (कोतवाली व बुद्धा कॉलोनी) ₹6.58 करोड़
उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा व लखनऊ ₹1.46 करोड़
छत्तीसगढ़ जगदलपुर ₹64.51 लाख
कंपनी के नाम पर बनाया फर्जीवाड़ा का जाल
अनिल राय की दोनों कंपनियां सिर्फ नाम के लिए पंजीकृत थीं। वह खुद को डायरेक्टर बताकर व्यापारियों से माल मंगवाता था और पेमेंट देने से मुकर जाता। फिर उसी माल को किसी तीसरी कंपनी को बेचकर रकम हड़प लेता था।
आश्चर्य की बात ये है कि आरोपी पिछले 6 महीने से अपनी कंपनियों तक नहीं गया था, क्योंकि उसे डर था कि पुलिस उसे पकड़ सकती है। इसी वजह से कई राज्यों की पुलिस उसे ढूंढ नहीं पा रही थी। लेकिन जगदलपुर पुलिस की सटीक रणनीति और मुखबिर की सूचना ने इस गिरफ्तारी को मुमकिन बना दिया।
अब भी फरार है एक और आरोपी
अनिल राय के साथ इस ठगी में उसका पर्चेस मैनेजर राहुल चौहान भी शामिल था, जो अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका:
निरीक्षक भोला सिंह राजपूत उपनिरीक्षक अरुण मरकाम सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद सिन्हा आरक्षक रंगलाल खरे आरक्षक रोशन चौहान
जांच जारी, और मामले खुल सकते हैं
पुलिस का कहना है कि यह मामला जितना दिखता है, उससे कहीं बड़ा हो सकता है। अभी भी कई राज्यों से आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि कुल ठगी की रकम 30 करोड़ के पार जा सकती है।