लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रति जिम्मेदारी और अच्छे संस्कार भी सिखा रही है। ये कहना है प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय का, जिन्होंने हाल ही में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के ‘दीक्षारंभ 2025’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया। उनका साफ संदेश था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) सिर्फ डिग्री बांटने का जरिया नहीं, बल्कि एक ऐसा माध्यम है जो युवाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ-साथ संस्कार, मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना से भी जोड़ रहा है।
(Uttar Pradesh Higher Education Minister Yogendra Upadhyay said the new education policy is not just bringing employment but is also awakening values and patriotism among the youth.)
रोजगार के साथ राष्ट्र निर्माण का विज़न
मंत्री उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि आज का युवा केवल अपनी तरक्की के बारे में न सोचे, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि अच्छी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों को समझना भी बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि योगी सरकार युवाओं को दुनिया भर की बेहतरीन शिक्षा और मॉडर्न सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने युवा पीढ़ी से समर्पण, अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत बनाने में युवाओं से बढ़-चढ़कर योगदान देने की अपील भी की। उनका ये संदेश साफ था कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ अच्छी नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और देशभक्त नागरिक बनना भी है।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का योगदान
इस मौके पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और कुलाधिधिपति प्रो. सैयद वसीम अख्तर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी हमेशा से ही ऐसी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो हर किसी के लिए हो, नई सोच वाली हो और गुणवत्ता से भरपूर हो। उनका लक्ष्य सिर्फ छात्रों को ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
इस खास कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल थीं, जिन्होंने छात्रों को सफलता के कई महत्वपूर्ण सूत्र दिए। इनमें अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी, कुलपति प्रो. जावेद मुसर्रत, लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह, डॉ. निदा फातिमा, सैयद अदनान अख्तर, सैयद फौज़ान अख्तर और प्रो. फुरकान क़मर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इन सभी ने अपने अनुभवों से छात्रों को प्रेरित किया और उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. मुनव्वर आलम खालिद के स्वागत भाषण से हुई, जबकि रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने सभी का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रो. सबा सिद्दीकी ने बहुत ही शानदार तरीके से किया।
कुल मिलाकर, ‘दीक्षारंभ 2025’ सिर्फ नए छात्रों के स्वागत का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन्हें देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर था। नई शिक्षा नीति के तहत सरकार की ये पहल निश्चित रूप से देश के भविष्य को और उज्ज्वल बनाने में मदद करेगी।