Udaipura (Raisen)। मानसून इस बार उदयपुरा क्षेत्र पर जमकर मेहरबान है, लेकिन साथ ही आफत बनकर भी टूटा है। लगातार भारी बारिश के चलते क्षेत्र के कई गांवों से नगर का संपर्क पूरी तरह टूट गया, वहीं कई मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। समाजसेवी और प्रशासन मिलकर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
जुलाई में ही सालभर का पानी गिरा
इस साल मानसून ने जुलाई में ही 1426 मिमी बारिश दर्ज करा दी है, जो पूरे साल के औसत के लगभग बराबर है। सोमवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश मंगलवार शाम तक लगातार चलती रही, जिससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई, लेकिन रिमझिम फुहारों का सिलसिला बुधवार शाम तक जारी रहा। निचले इलाकों में जलभराव की वजह से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।
दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
नगर के भट्टा मोहल्ला, लोधीपुरा, वार्ड नंबर 1 और 15 सहित कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन गई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 12 परिवारों को शासकीय कॉलेज भवन में शिफ्ट किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा जलभराव पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला।
गांवों से संपर्क टूटा, पुल के ऊपर पानी
मंगलवार को कई गांवों से नगर का संपर्क पूरी तरह कट गया था, हालांकि बुधवार को कुछ गांवों से संपर्क दोबारा बहाल किया जा सका। सबसे गंभीर स्थिति गाडरवारा रोड पर बनी, जहां का नर्मदा पुल पूरी तरह डूब चुका है। इससे सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
समाजसेवियों ने संभाला मोर्चा
बारिश और जलभराव से प्रभावित लोगों की मदद के लिए समाजसेवी संगठनों, संघ कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाल लिया है। बुधवार को नगर में बाढ़ प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री बांटी गई, ताकि संकट की घड़ी में किसी को भूखा न रहना पड़े।
प्रशासन भी लगातार इलाके में नजर बनाए हुए है और जलभराव वाले स्थानों पर राहत व बचाव कार्य कर रहा है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।