उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) में एडमिशन लेने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है! पहले दो चरणों के बाद अब तीसरा चरण 31 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और इस बार करीब 25 हज़ार सीटों पर दाखिला लेने का मौका मिलेगा. अगर आप अभी तक किसी कारणवश एडमिशन नहीं ले पाए हैं, तो ये आपके लिए सुनहरा अवसर है.
राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (State Council of Vocational Training) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने खुद बताया है कि तीसरा चरण 31 जुलाई से शुरू होकर 5 अगस्त तक चलेगा. यानी आपके पास सिर्फ कुछ ही दिन होंगे अप्लाई करने के लिए!
आधी से ज्यादा सीटें भर चुकी हैं!
आपको जानकर हैरानी होगी कि राजकीय आईटीआई (सरकारी आईटीआई) में इस साल एडमिशन के लिए जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. कुल 1,35,447 सीटों में से 70,781 सीटों पर बच्चे एडमिशन ले चुके हैं. इसका मतलब है कि 52 प्रतिशत से ज्यादा सीटें तो पहले ही भर गई हैं!
वहीं, प्राइवेट आईटीआई (निजी आईटीआई) में भी 30 हज़ार से ज़्यादा बच्चों ने दाखिला लिया है. ये आंकड़े बताते हैं कि युवाओं का रुझान अब वोकेशनल ट्रेनिंग की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि ITI से निकलने के बाद तुरंत नौकरी मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
प्राइवेट ITI की फीस में कोई बदलाव नहीं!
एक और बड़ी राहत की खबर प्राइवेट आईटीआई में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए है. उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि निजी आईटीआई की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. 28 जुलाई को ही इस बारे में सरकारी आदेश (शासनादेश) जारी कर दिया गया है. इससे उन छात्रों को काफी फायदा होगा जो कम बजट में अच्छी ट्रेनिंग लेना चाहते हैं.
कहां-कहां बिकीं सीटें? कुछ जिलों ने मारी बाजी!
अगर हम सरकारी आईटीआई की बात करें तो, कुछ जिलों ने तो कमाल कर दिया है! बुलंदशहर, पीलीभीत, रायबरेली, प्रयागराज, बरेली, लखीमपुर-खीरी और फर्रुखाबाद जैसे जिलों में तो 60 प्रतिशत से ज़्यादा सीटें भरी जा चुकी हैं. ये दिखाता है कि इन जिलों में युवाओं में ITI को लेकर कितनी जागरूकता है.
हालांकि, अभी भी 28 ऐसे जिले हैं जहां सिर्फ 30 से 50 प्रतिशत सीटें ही भरी हैं. विभाग अब उन ट्रेडों (कोर्स) पर नज़र रख रहा है जिनमें कम एडमिशन हुए हैं. इन ट्रेडों को अब उन पॉपुलर ट्रेडों में बदलने की प्लानिंग चल रही है जिनकी मार्केट में ज्यादा डिमांड है. ये एक स्मार्ट मूव है ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे ITI से जुड़ सकें और उन्हें रोजगार मिल सके.
एडमिशन बढ़ाने के लिए सरकार कर रही है कड़ी मेहनत!
व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता के प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने बताया कि विभाग एडमिशन बढ़ाने के लिए दिन-रात एक कर रहा है. इसके लिए इंडस्ट्री मीट, कौशल मेला, रोजगार मेला और CXO मीट जैसे बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. साथ ही, विभागीय अधिकारियों की ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है ताकि वे स्टूडेंट्स को बेहतर तरीके से गाइड कर सकें.
डॉ. हरि ओम ने एक और दिलचस्प बात बताई है: जो भी ITI प्रिंसिपल तीसरे चरण तक अपनी 80 प्रतिशत से ज़्यादा सीटें भर लेंगे, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा! ये एक तरह का इंसेंटिव है ताकि प्रिंसिपल भी एडमिशन बढ़ाने में अपनी पूरी जान लगा दें.
प्राइवेट आईटीआई के प्रतिनिधियों के साथ भी सरकार लगातार संपर्क में है. उनकी समस्याओं को सुना जा रहा है और उन्हें एक बेहतर स्किल डेवलपमेंट का माहौल देने की कोशिश की जा रही है. इसका सीधा फायदा प्रदेश में कौशल शिक्षा के स्तर को मिलेगा.
आगे और भी तेजी आने की उम्मीद!
दूसरे चरण के बाद जो अच्छे नतीजे सामने आए हैं, उनसे लग रहा है कि तीसरे और चौथे चरण में सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह की ITI में एडमिशन और भी तेजी से होंगे. सरकार की एक्टिव अप्रोच और पूरी एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता ही इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है.