kanker छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। कांकेर जिले में ‘मावा मोदोल’ नामक निःशुल्क कोचिंग संस्थान का शुभारंभ किया गया है, जहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन और माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान राज्य के वित्त मंत्री और पूर्व IAS अधिकारी ओ.पी. चौधरी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रेरणादायक बातें साझा कीं और कहा –”कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता, सिर्फ मेहनत से ही मंज़िल मिलती है।”
कोचिंग संस्थान का उद्घाटन, छात्रों से आत्मीय संवाद
कांकेर शहर के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में इस संस्थान की शुरुआत के मौके पर वित्त मंत्री चौधरी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें प्रेरणादायक अनुभवों से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में सफलता और असफलता आती है, लेकिन असफलता से डरने की बजाय उससे सीख लेना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि वे अपनी कमजोरियों को पहचानें, उन पर मेहनत करें और उन्हें अपनी ताकत में बदलकर लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ें।
छात्रों के सवाल, मंत्रीजी के अनुभव
‘मावा मोदोल’ कोचिंग में अध्ययनरत गुलशन जैन, स्नेहा सिन्हा और कुलेश्वर नंदीश्वर जैसे छात्रों ने जब मंत्रीजी से अपने सवाल पूछे, तो उन्होंने न केवल उन्हें व्यक्तिगत अनुभवों से जवाब दिए, बल्कि देश के कई IAS-IPS अधिकारियों के संघर्षों की प्रेरक कहानियां भी साझा कीं।
उन्होंने कहा कि बड़ी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सुख-सुविधाओं से दूर रहकर, कठिनाइयों में भी फोकस बनाए रखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी सलाह दी कि सिर्फ एक परीक्षा पर निर्भर न रहकर विकल्प खुले रखें। खासतौर पर UPSC, PSC, रेलवे, शिक्षक भर्ती, पुलिस सेवा जैसी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ प्लान-B भी साथ लेकर चलें।
प्रेरक उदाहरण और फर्श से अर्श तक की कहानियां
अपने भाषण में चौधरी ने छत्तीसगढ़ और देश के ग्रामीण इलाकों से निकलकर सफलता पाने वाले युवाओं की कहानियों का उदाहरण देते हुए कहा – “कांकेर के युवाओं में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और शिद्दत से मेहनत करनी होगी।”उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कांकेर में भी नालंदा परिसर की तर्ज पर एक उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थान तैयार किया जाएगा, जिससे यहां के बच्चों को राजधानी तक जाने की जरूरत नहीं होगी।
लायब्रेरी भ्रमण और पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम में चौधरी ने जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन करते हुए वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
विजिटर्स डायरी में अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए उन्होंने लिखा –
“Excellent efforts, All the best.”
मंच पर मौजूद अन्य अतिथि
इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
कांकेर विधायक आशाराम नेताम
अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेंडी
राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा
कांकेर नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक
धमतरी महापौर जगदीश रामू रोहरा
जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर
जिला पंचायत CEO हरेश मंडावी
कलेक्टर ने दी सलाह: सोच बड़ी रखो, सोशल मीडिया से दूरी रखो
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने छात्रों को बताया कि कांकेर जिले में प्रतिभाशाली युवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा –
“सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें और अपना ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखें।”
उन्होंने प्रेरित किया कि हर युवा को बड़ा लक्ष्य और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।
जिला पंचायत CEO हरेश मंडावी ने ‘मावा मोदोल’ के उद्देश्यों को साझा करते हुए बताया कि यह संस्थान युवाओं को सही दिशा देने के लिए शुरू किया गया है।
‘मावा मोदोल’ संस्थान: कांकेर के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
‘मावा मोदोल’ कोचिंग संस्थान, कांकेर जिला प्रशासन की विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य है –
“प्रत्येक युवा को उचित मार्गदर्शन और संसाधन देकर उसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना।”
इसका पहला चरण भानुप्रतापपुर में शुरू हो चुका है, जहां हाईटेक कोचिंग सेंटर और ई-लायब्रेरी संचालित हैं। वहां से कई विद्यार्थी सफल हो चुके हैं। अब दूसरे चरण में कांकेर के पुराने कचहरी चौक स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी में इस नई कोचिंग की शुरुआत हुई है।
यहां छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं:
UPSC, CGPSC, व्यापम, रेलवे, शिक्षक, वन विभाग, आबकारी व पुलिस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी
ई-क्लास और डिजिटल स्टडी मटेरियल
ग्रुप डिस्कशन रूम और साक्षात्कार की तैयारी
व्यक्तित्व विकास और विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन