रामकुमार भारद्वाज कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ हुए अपहरण और बलात्कार के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज कुछ घंटों में आरोपी युवक और घटना में शामिल एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा, बल्कि इस अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक अक्षय कुमार येदुवल्ली के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय की निगरानी में इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। फरसगांव थाना प्रभारी संजय सिंदे और उनकी टीम ने पूरी मुस्तैदी से आरोपियों को ढूंढ निकाला और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 17 फरवरी 2025 की रात लगभग 9 बजे वह शादी समारोह में शामिल होने गई थी। तभी एक नाबालिग लड़का उसे बहला-फुसलाकर शादीघर के बाहर ले गया, जहां पहले से ही आरोपी गुडेश्वर मरकाम मोटरसाइकिल के साथ मौजूद था। दोनों युवक स्कूल में पीड़िता के साथ पढ़ते थे, इसलिए वह उन्हें जानती-पहचानती थी।
आरोप है कि दोनों ने बातचीत का बहाना कर जबरन उसे मोटरसाइकिल में बैठाया और नाबालिग लड़के के घर के पीछे खेत में बने एक सुनसान लाड़ी (मकाननुमा झोपड़ी) में ले गए। वहां नाबालिग लड़का तो चला गया, लेकिन गुडेश्वर मरकाम ने पीड़िता को धमकी देते हुए उसकी मर्जी के बिना बलात्कार किया। “घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी।”
पुलिस ने तुरंत दर्ज किया मामला
घटना की शिकायत मिलते ही थाना फरसगांव में FIR क्रमांक 100/2025 दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(1), 351(3), 3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जैसे ही पीड़िता का बयान दर्ज हुआ, पुलिस ने अपने नेटवर्क को सक्रिय किया और संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया। चंद घंटों में ही पुलिस ने 20 वर्षीय गुडेश्वर मरकाम को गिरफ्तार कर लिया और घटना में शामिल नाबालिग लड़के को भी हिरासत में लिया गया।
मोटरसाइकिल भी की गई जब्त
इस वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरी कार्रवाई में फरसगांव थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिन्दे, रक्षित केन्द्र कोण्डागांव की निरीक्षक राजकुमारी पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र बघेल, आरक्षक पिताम्बर कठार, अजय मरकाम, नारायण शार्दूल और महिला आरक्षक सरस्वती यादव की भूमिका अहम रही।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
कोंडागांव पुलिस लगातार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक अक्षय कुमार का कहना है कि “ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई कर हम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष रूप से महिला और बाल अपराधों के खिलाफ तत्पर और संवेदनशील है।