लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से करवाने के लिए लखनऊ का जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी तैयारी के तहत, शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को, लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बब्लू कुमार ने कई अहम परीक्षा केंद्रों और चारबाग रेलवे स्टेशन का अचानक दौरा किया। उनका मकसद था यह सुनिश्चित करना कि कहीं कोई कमी न रह जाए और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
परीक्षा केंद्रों पर कड़े इंतजाम, हर सुविधा पर पैनी नज़र
निरीक्षण की शुरुआत बप्पा श्री नारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज से हुई, जहां 480 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। यहां तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ने बताया कि सभी कक्ष निरीक्षकों के साथ पहले ही बैठक हो चुकी है ताकि कोई चूक न हो। इसके बाद टीम ने एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज और इंटर कॉलेज का भी जायजा लिया, जहां अलग-अलग केंद्रों पर 480-480 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
मानसरोवर योजना स्थित एमजी कॉन्वेंट स्कूल में भी 480 परीक्षार्थियों के लिए 20 कमरे आरक्षित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी केंद्रों पर बने कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की, जो पूरी तरह से काम कर रहे थे। यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर नज़र रखी जा सके।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी विशाख जी. ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट्स और स्टैटिक मजिस्ट्रेट्स को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोग और शासन द्वारा बनाए गए सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि हर परीक्षा कक्ष में पर्याप्त रोशनी, पंखे, पीने का साफ पानी, स्वच्छ शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ ही, उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की लगातार निगरानी करने और उनकी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया। इन निर्देशों का मकसद परीक्षार्थियों को एक आरामदायक और तनाव-मुक्त माहौल देना है।
परीक्षार्थियों के लिए चारबाग स्टेशन और बस अड्डों पर खास इंतजाम
परीक्षा देने आ रहे हजारों परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने चारबाग रेलवे स्टेशन और सभी रोडवेज बस अड्डों पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। जिलाधिकारी ने खुद स्टेशन परिसर में जाकर पब्लिक टॉयलेट, मोबाइल टॉयलेट, हेल्प डेस्क और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया।
हेल्पडेस्क पर सिविल डिफेंस, जीआरपी, आरपीएफ, रोडवेज और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। ये सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों की लोकेशन, ट्रेनों की समय-सारणी और आसपास के रैनबसेरों की पूरी जानकारी देंगे। दूर-दराज से आने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा बेहद काम की होगी।
रात्रि विश्राम और परिवहन की पूरी व्यवस्था
सिर्फ स्टेशन ही नहीं, जिलाधिकारी ने नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे शेल्टर होम्स और रैन बसेरों का भी जायजा लिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रात में रुकने वाले परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो। सभी रोडवेज बस अड्डों पर शुक्रवार शाम से ही हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों को वापस जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए PA सिस्टम के माध्यम से रूट के हिसाब से बसों की घोषणा भी की जाएगी। परीक्षा के दिन छात्रों की सुविधा और उनके निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सभी अपर नगर मजिस्ट्रेटों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बस अड्डों पर खुद मौजूद रहकर छात्रों के प्रस्थान की व्यवस्था देखें।
कुल मिलाकर, लखनऊ प्रशासन इस परीक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और उसने हर मोर्चे पर पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो सके और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।