लखनऊ। भारत में सनातन धर्म को मजबूत और समाज को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है। अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा ने देशभर में ‘सनातन शक्ति केंद्र’ स्थापित करने की योजना बनाई है। इस मिशन का मकसद है कि हर सनातनी व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से इतना सशक्त बनाया जाए कि वह न सिर्फ अपने धर्म की रक्षा कर सके, बल्कि देश को भी मजबूती दे सके।
इस बात की जानकारी महासभा के संयोजक पंकज कुमार तिवारी ने लखनऊ स्थित कार्यालय में आयोजित एक सभा के दौरान दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सनातनी समाज मजबूत नहीं होगा, तो न तो सनातन धर्म की रक्षा की जा सकती है और न ही भारत को सशक्त राष्ट्र बनाया जा सकता है।
क्या है ‘सनातन शक्ति केंद्र’ योजना?
आर्य महासभा त्रिदंडी के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय स्तर पर शक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र न सिर्फ धार्मिक जागरूकता फैलाएंगे, बल्कि समाज के हर वर्ग को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए प्रशिक्षण, सहायता और मार्गदर्शन भी देंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को संस्कार, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम से जोड़ा जाएगा। महिलाओं के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
“शांतिप्रिय है सनातन धर्म, लेकिन कमजोर नहीं”
सभा को संबोधित करते हुए पंकज तिवारी ने कहा कि,
“सनातन धर्म दुनिया का इकलौता ऐसा पंथ है जो सभी धर्मों, मतों और आस्थाओं का सम्मान करता है। लेकिन अगर कोई सनातन संस्कृति को मिटाने का सपना देखता है, तो सनातनी समाज उसे न कभी बर्दाश्त करेगा और न ही भारतवर्ष में ऐसी आसुरी शक्तियों को स्वीकार करेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सनातनी समाज को एकजुट कर इन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाया जाएगा। सनातन शक्ति केंद्रों की स्थापना इसी उद्देश्य को लेकर की जा रही है, ताकि लोग न सिर्फ धार्मिक रूप से जागरूक हों, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्वावलंबी बन सकें।
राष्ट्र और धर्म का एक साथ उत्थान
महासभा का मानना है कि अगर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाना है, तो उसके मूलभूत संस्कृति सनातन धर्म को पहले सशक्त करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि समाज का हर व्यक्ति—चाहे वह किसान हो, युवा हो, गृहिणी हो या व्यापारी—धार्मिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो।
इस अभियान के अंतर्गत “समृद्ध सनातनी, सशक्त सनातन, मजबूत राष्ट्र” का नारा दिया गया है, जो कि इस पूरी योजना की सोच को दर्शाता है।
लखनऊ से शुरू, अब देशभर में विस्तार
अभियान की शुरुआत लखनऊ से हो चुकी है। जल्द ही देश के अलग-अलग हिस्सों में ये केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर समाज के जिम्मेदार और जागरूक नागरिकों को दी जाएगी, ताकि केंद्र पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करें।
धर्म रक्षा से राष्ट्र रक्षा
सभा के दौरान पंकज तिवारी ने यह भी कहा कि,
“यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे, तो राष्ट्र अपने आप मजबूत होगा। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी अपने धर्म के लिए कुछ करें।”
इस पूरी योजना में युवाओं को विशेष रूप से जोड़ने की तैयारी है। सोशल मीडिया, सामूहिक प्रशिक्षण, स्थानीय बैठकें और डिजिटल प्रचार के माध्यम से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।