अखिलेश कुमार शर्मा उदयपुरा
शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रायसेन की प्राचार्य श्रीमती स्वाति चौहान को पद से हटाने की चर्चा के बीच अब शिक्षकों का समर्थन खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को शिक्षक-अध्यापक संघ शाखा उदयपुरा के पदाधिकारी और सदस्य एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार दिनेश बरगले को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघ ने स्वाति चौहान को ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और छात्र हित में समर्पित बताया और उन्हें प्राचार्य पद से हटाने के प्रयासों को एक “साजिश” करार दिया। साथ ही शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और निर्दोषों को संरक्षण मिले।
क्या कहा शिक्षक संघ ने?
शिक्षक-अध्यापक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र लोधी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया कि स्वाति चौहान हमेशा बच्चों के हित में कार्य करती हैं और स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करती हैं।
संघ का कहना है कि एक प्राचार्य के पद पर रहते हुए कभी-कभी सख्ती बरतना जरूरी हो जाता है ताकि छात्र अनुशासित रहें और शिक्षा का माहौल सकारात्मक बना रहे। लेकिन इस सख्ती को गलत तरीके से पेश कर, उन्हें पद से हटाने की कोशिश की जा रही है, जो निंदनीय है।
“अनुशासन बनाए रखना अपराध नहीं”
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत बनाने और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए प्राचार्य द्वारा उठाए गए अनुशासनात्मक कदमों को गलत समझा जा रहा है।
संघ ने मांग की है कि प्रशासन तथ्यों की गंभीरता से जांच करे और किसी भी निर्णय से पहले प्राचार्य के कार्यों और उनके योगदान को ध्यान में रखा जाए। शिक्षकों का कहना है कि यदि ईमानदार अधिकारियों को ही इस तरह हटाया जाएगा तो इसका गलत संदेश जाएगा और शिक्षकों का मनोबल टूटेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में कौन-कौन शामिल रहा?
इस मौके पर संघ के अध्यक्ष राजेंद्र लोधी, संजू चौहान, ममता हरदोलिया, रोहित शर्मा, हेमंत राजपूत, वृज गोपाल बिश्नोई, अशोक चिढ़ार, अपूर्व चौबे, आकाश विरहे, मुकेश गोस्वामी, नरहरी तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। सभी ने एकजुट होकर स्वाति चौहान के पक्ष में आवाज़ उठाई और कहा कि वे हमेशा छात्रों के हित में काम करती आई हैं।
प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग
शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ईमानदार अधिकारियों को साजिश के तहत निशाना न बनाया जाए। साथ ही संघ ने यह भी कहा कि यदि इस प्रकार की कार्रवाइयाँ होती रहीं तो आगे चलकर शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।