रामकुमार भारद्वाज, फरसगांव।
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बड़ेडोंगर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की के साथ शादी का झांसा देकर महीनों तक दुष्कर्म किया गया। मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने खुद थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। फरसगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़िता छह महीने की गर्भवती
जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई 2025 को बड़ेडोंगर थाने में एक नाबालिग लड़की ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जनवरी 2025 से मोहपाल गांव निवासी युवक अमल साय नेताम (उम्र 22 वर्ष) लगातार उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा है। आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा दिया और कई महीनों तक उसका शोषण करता रहा। रिपोर्ट में बताया गया कि अब पीड़िता छह माह की गर्भवती हो चुकी है।
शादी समारोह से शुरू हुआ शोषण
पीड़िता के अनुसार, जनवरी माह में उसके गांव में एक शादी समारोह के दौरान आरोपी से उसकी मुलाकात हुई। वहीं से आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने गांव मोहपाल ले गया और वहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद भी वह लगातार उसके साथ शारीरिक शोषण करता रहा। आरोपी को यह पता था कि लड़की नाबालिग है, इसके बावजूद उसने ऐसा घिनौना काम किया।
पुलिस ने कुछ घंटों में पकड़ा आरोपी
मामला सामने आते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.डी. पटेल और फरसगांव अनुविभागीय अधिकारी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की और मोहपाल गांव में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह पीड़िता को शादी का झांसा देकर अपने घर ले गया था और तब से उसके साथ संबंध बना रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
टीम के सदस्यों की अहम भूमिका
इस मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भुनेश्वर नाग, सहायक उपनिरीक्षक शिवप्रसाद ठाकुर, प्रधान आरक्षक श्रवण कुमार मंडावी, आरक्षक राजेन्द्र कुजूर, कमलेश मरकाम, सुकमन नेताम, बुधमन नेताम, राजेन्द्र नेताम, फागेन्द्र मरकाम, हीरासिंग नेताम, यशवंत मरकाम और महिला आरक्षक शिवन्ती नेताम ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस की अपील
फरसगांव पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी के साथ इस तरह की कोई घटना होती है, तो वे बिना डरे पुलिस को इसकी जानकारी दें। पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के लिए शासन प्रशासन तैयार है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और पुलिस महिला अपराधों को लेकर बेहद सतर्क और संवेदनशील है। फरसगांव पुलिस की तेज कार्रवाई से आमजन में न्याय को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ है।