सरगुजा (छत्तीसगढ़), 23 जुलाई 2025।
सावन माह की आस्था और शिवभक्ति से जुड़ी एक अनोखी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से ‘कांवड़ महायात्रा 360’ का शुभारंभ हो गया है। इस विशेष यात्रा में क्षेत्र के सैकड़ों शिवभक्त शामिल हैं, जो वाराणसी (बनारस) पहुंचकर गंगा जल लेकर बारह दिनों की कठिन पैदल यात्रा के बाद मैनपाट के प्रसिद्ध चुरकीपानी शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
इस बार भी यात्रा की सबसे खास बात यह है कि सीतापुर के लोकप्रिय विधायक रामकुमार टोप्पो स्वयं इस पैदल यात्रा में शामिल होंगे। वो न केवल यात्रियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे, बल्कि उन्होंने खुद बस चलाकर भक्तों को सीतापुर के काराबेल चौक तक छोड़ा। यह दृश्य श्रद्धालुओं में जोश और उत्साह भरने वाला रहा।
चार सालों से निभाई जा रही है आस्था की यह परंपरा
‘कांवड़ महायात्रा 360’ पिछले चार वर्षों से सावन माह में निरंतर आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य न सिर्फ व्यक्तिगत आस्था है, बल्कि यह यात्रा पूरे क्षेत्र की शांति, समृद्धि, और विकास की सामूहिक कामना का प्रतीक भी बन गई है। इस महायात्रा में भाग लेने वाले अधिकतर श्रद्धालु सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों से हैं, जो पहले बसों से वाराणसी पहुंचते हैं और वहां गंगा जल लेकर पैदल लौटते हैं।
24 जुलाई को शुरू होगी पैदल यात्रा
इस बार यात्रा की शुरुआत 23 जुलाई की शाम को हुई, जब श्रद्धालुओं का जत्था सीतापुर से बसों के जरिए बनारस के लिए रवाना हुआ। 24 जुलाई को कांवड़िए वाराणसी के गंगा घाट से जल भरकर अपनी बारह दिवसीय कठिन पैदल यात्रा आरंभ करेंगे। इस यात्रा का समापन 4 अगस्त को मैनपाट स्थित चुरकीपानी शिव मंदिर में होगा, जहां सभी श्रद्धालु भोलेनाथ को गंगा जल अर्पित करेंगे।
विधायक की अगुवाई बनी प्रेरणा का स्रोत
हर साल की तरह इस साल भी विधायक रामकुमार टोप्पो की सहभागिता इस यात्रा की खास पहचान बनी हुई है। वे न केवल आयोजक के रूप में बल्कि आस्थावान भक्त के रूप में खुद को प्रस्तुत करते हैं। उनका पैदल चलना आमजन के लिए एक प्रेरणास्रोत है और इससे श्रद्धालुओं का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने इस बार भी बस स्टार्ट कर खुद काराबेल चौक तक श्रद्धालुओं को छोड़ा, जो उनके जनता से जुड़ाव को दर्शाता है।
श्रद्धा, एकता और सेवा का प्रतीक बनी महायात्रा
कांवड़ महायात्रा 360 अब सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, यह क्षेत्रीय एकता, सामाजिक समर्पण और सांस्कृतिक चेतना की मिसाल बन गई है। इस यात्रा में युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल होकर सावन की पुण्यधारा में डुबकी लगाते हैं।
हर वर्ष यात्रा में शामिल भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। शिवमंदिर चुरकीपानी अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि लोगों की सामूहिक शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है।
निष्कर्ष
कांवड़ महायात्रा 360 केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह श्रद्धा, सामाजिक सहयोग और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता का सुंदर मेल है। विधायक रामकुमार टोप्पो की मौजूदगी से इस यात्रा की गरिमा और बढ़ जाती है, जिससे युवा पीढ़ी को भी संस्कारों से जोड़ने का अवसर मिलता है।