इटारसी। शहर में बिजली विभाग द्वारा जबरदस्ती लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय शुक्ला और सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानंद तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल MPEB इटारसी कार्यालय पहुंचा और विभाग के अधिकारियों से इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की।
गजानंद तिवारी ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि अगर जनता परेशान होगी तो कांग्रेस सड़क से लेकर संसद और विधानसभा तक संघर्ष करेगी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो न्यायालय का भी सहारा लिया जाएगा। तिवारी ने पूछा कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने का कोई वैध आदेश है, तो उसकी लिखित प्रति उन्हें दी जाए ताकि वे कानूनी रास्ता अपनाएं।
जनता की मर्जी के बिना स्मार्ट मीटर क्यों?
तिवारी ने सवाल किया कि जब लोग खुद नहीं चाहते तो उनके घरों में जबरदस्ती स्मार्ट मीटर क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सीहोर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तो “बंदूक की नोक पर” स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह तानाशाही रवैया अपनाकर प्राइवेट ठेकेदारों को फायदा पहुंचा रही है, जिससे आम जनता की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
पार्षदों ने भी जताया विरोध
कांग्रेस पार्षदों ने भी इस जबरदस्ती का विरोध किया।
वार्ड 1 के पार्षद दिलीप गोस्वामी ने कहा कि यदि जनता नहीं चाहेगी तो वे अपने वार्ड में एक भी मीटर नहीं लगने देंगे।
वार्ड 24 की पार्षद सीमा भदौरिया ने कहा कि अगर मीटर लगाना अनिवार्य है, तो पहले लोगों को पूरी जानकारी देकर भरोसे में लिया जाए, अन्यथा वे विरोध प्रदर्शन करेंगी।
पार्षद अंजलि कलसिया ने कहा कि अगर किसी महीने बिल जमा करने में थोड़ी भी देरी हो गई तो मीटर बिजली काट देगा, जिससे गरीब परिवारों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
महिलाओं की भी चिंता
महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष नेहा चावरे ने कहा कि महिलाएं पहले से ही महंगाई से परेशान हैं। उन्होंने हाल ही में जहर खाने की धमकी देने वाली महिला का ज़िक्र किया और कहा कि सरकार की यह नीतियां आम लोगों को आत्महत्या की ओर धकेल रही हैं।
सरकार बेरोजगारी भी बढ़ा रही
सेवादल जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता ने एमपीईबी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी दिखाते हुए बताया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से करीब ₹5000 वसूले जाएंगे, वो भी किस्तों में।
संजय धर ने सवाल किया कि पुराने मीटर क्या खराब थे? अगर नहीं, तो उन्हें क्यों बदला जा रहा है?
गजानंद तिवारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग “मोदी की बुलेट ट्रेन” की तरह तेज़ी से भाग रही है, जिससे जनता डर में जी रही है।
वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों ने मानव रहित प्रक्रिया अपनाने की बात कही, जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि क्या इसका मतलब है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को बेरोजगार किया जाएगा?
कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनता की बात नहीं मानी गई और यह “हिटलरशाही रवैया” नहीं बदला गया, तो कांग्रेस बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोगों में अजय शुक्ला, गजानंद तिवारी, लाली सलूजा, रमजान भाई, अजय मिश्रा, अमित गुप्ता, नरेश चौहान, दिलीप गोस्वामी, सीमा भदौरिया, अंजलि कलसिया, नेहा चावरे, करण भदौरिया, सोनू बागोरिया, इरफान गोलंदाज, संजय धर, नारायण गौर, राहुल दुबे, दिनेश बलौरिया और संतोष बामने का नाम शामिल रहा।