भोपाल। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने सब्जी मंडी क्षेत्र से एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 4.316 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत लगभग 86 हजार रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपी भोपाल में यह गांजा छोटे-छोटे पैकेट में बेचते थे।मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कस्तूरबा अस्पताल के सामने स्थित सब्जी मंडी के टीन शेड में एक महिला और एक युवक प्लास्टिक के थैलों में गांजा लेकर बैठे हैं और ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते
ज्योति कुचबंदिया (40 वर्ष) पत्नी विनोद कुचबंदिया, मूल निवासी ग्राम गिरबर सजली, थाना सनोदा जिला सागर, हाल निवासी झुग्गी, पावर हाउस के पास, सूखी सेवनिया, भोपाल।
पंकज कुचबंदिया (19 वर्ष) पुत्र विनोद कुचबंदिया, मूल व हाल पता वही।
दोनों आरोपी मजदूरी का काम करते हैं और फिलहाल इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी ICJS से जुटाई जा रही है।
क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों के पास से अलग-अलग प्लास्टिक थैलों में रखा गांजा बरामद किया, जो ब्राउन कलर की पन्नी में लिपटा हुआ था। तौल करने पर कुल वजन 4.316 किलोग्राम निकला। पूछताछ में दोनों ने माना कि वे गांजा अवैध रूप से रखे हुए थे। इसके आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
वर्ष 2025 में अब तक क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा 38 आरोपियों से करीब 2 क्विंटल गांजा जब्त किया जा चुका है। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्रा और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के निर्देशन में शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस की अपील – बच्चों को नशे से बचाएं
पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि अभिभावक, मोहल्ला समितियाँ और स्कूल मिलकर बच्चों को नशे की लत से बचाने का वातावरण बनाएं और सही दिशा में उनकी परवरिश करें। नशे से होने वाले दुष्परिणामों से युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में उप निरीक्षक अजीज खान, सउनि अनिल तिवारी, प्रधान आरक्षक दिलीप मिश्रा, आरक्षक रोहित यादव, शैलेन्द्र कौरव, रविन्द्र पलासिया, घनश्याम चन्द्रावत, मनीष कौरव और महिला आरक्षक पूजा यादव की अहम भूमिका रही।