सिलवानी (मध्यप्रदेश)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने एक बार फिर से छात्र हितों और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से अपना स्कूली सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। इस बार यह अभियान सिलवानी तहसील के बम्होरी क्षेत्र में जोरशोर से चलाया जा रहा है, जहां छात्रों को संगठन की गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें राष्ट्र के लिए जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है।
अभाविप के जिला संयोजक शुभम सेन ने जानकारी देते हुए बताया कि, “विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी छात्र संगठन है, जो पिछले 77 वर्षों से लगातार छात्र हित और राष्ट्र सेवा के लिए सक्रिय है। हमारा उद्देश्य छात्रों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उनमें राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी का भी विकास करना है।”
छात्रों को जोड़ने की पहल
सदस्यता अभियान के तहत अभाविप की स्थानीय इकाई द्वारा स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जाकर छात्रों को परिषद की गतिविधियों से अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें संगठन से जुड़ने का आह्वान भी किया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख नारा है — “छात्रशक्ति ही राष्ट्रशक्ति है।”
अभाविप की टीम छात्रों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि देश के भविष्य निर्माता के रूप में उनकी भूमिका कितनी अहम है। उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि संगठन से जुड़कर वे न सिर्फ अपने नेतृत्व गुणों को निखार सकते हैं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को भी बेहतर ढंग से निभा सकते हैं।
कार्यकर्ता निभा रहे अहम भूमिका
सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए नगर उपाध्यक्ष जितेन्द्र मिश्रा, सह मंत्री मोहित राय, पलक गौर और पलक रघुवंशी समेत कई सक्रिय कार्यकर्ता लगातार स्कूलों में जाकर छात्रों से संवाद कर रहे हैं। वे परिषद की मूल विचारधारा, सामाजिक गतिविधियों, और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान की जानकारी छात्रों को दे रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस अभियान के जरिए न केवल संगठन मजबूत होगा, बल्कि छात्रों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुण भी विकसित होंगे।
77 वर्षों से राष्ट्र सेवा में अग्रणी
अभाविप की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी, और तब से यह संगठन छात्रों की समस्याओं के समाधान, शिक्षा सुधार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय जागरूकता जैसे मुद्दों पर निरंतर काम कर रहा है। संगठन का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, और इसके सदस्य देशभर में लाखों की संख्या में मौजूद हैं।
शुभम सेन ने कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो केवल अपने करियर तक सीमित न रहकर समाज और देश के लिए भी योगदान देने का जज्बा रखें। “हमारा उद्देश्य एक समर्पित, शिक्षित और जागरूक युवा शक्ति तैयार करना है, जो आने वाले समय में देश का नेतृत्व कर सके,” उन्होंने कहा।
छात्रों में दिखा उत्साह
सदस्यता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अभाविप की गतिविधियों में रुचि दिखाई और सदस्य बनने की इच्छा जताई। अभाविप की ओर से उन्हें संगठन की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अभियान के जरिए न केवल छात्रों में राष्ट्रीय चेतना विकसित होगी, बल्कि वे समाज की समस्याओं के प्रति भी अधिक जागरूक बनेंगे।