भोपाल/मैहर। मां शारदा की नगरी मैहर से जुड़ी एक गर्व की खबर सामने आई है। यहां के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मोहनलाल द्विवेदी को प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में देशभर से आए विद्वानों और संतों के समक्ष सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके योगदान, ज्योतिष विद्या में अनुभव और समाजसेवा के लिए दिया गया।
सम्मान समारोह बना विद्वानों का संगम
यह सम्मान समारोह भोपाल के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया, जहां देश के कोने-कोने से आए लगभग 250 से अधिक ज्योतिषाचार्य, संत-महात्मा, महामंडलेश्वर, और गणमान्य राजनेता शामिल हुए।
यह आयोजन ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल एवं कालिदास अकादमी उज्जैन के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ।
इस विशेष सम्मेलन का नेतृत्व ख्याति प्राप्त ज्योतिर्विद पंडित विनोद गौतम द्वारा किया गया। उन्होंने इस आयोजन को “कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष सम्मेलन” नाम प्रदान किया, जो कि ज्योतिष विज्ञान के गूढ़ रहस्यों पर आधारित एक महत्वपूर्ण मंच रहा। यह भव्य दो दिवसीय आयोजन 12 एवं 13 जुलाई को आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से आए विद्वानों, शोधकर्ताओं और ज्योतिष प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों के माध्यम से ज्योतिष विद्या के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ, जिससे यह आयोजन ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बन गया।
सम्मेलन में दिखी बड़ी-बड़ी हस्तियों की मौजूदगी
सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित और जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें शामिल थे:
भोपाल के सांसद आलोक शर्मा
पूर्व सांसद और वर्तमान पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया
परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया
पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा
कालिदास अकादमी के प्रमुख अनिल कोठारी
महामंडलेश्वर रामशंकर तिवारी और सुनील शुक्ला
उत्तराखंड से नंदकिशोर जी (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त)
ब्रह्मकुमारी बहन नीता दीदी
पं. दिनेश गुरुजी, हरिओम जोशी, अल्पना शुक्ला, विनोद आनंद पांडे, कृपाशंकर उपाध्याय सहित कई अन्य विद्वान
सभी ने मंच से अपने विचार साझा किए और भारतीय संस्कृति में ज्योतिष विद्या के महत्व को रेखांकित किया।
पं. मोहनलाल द्विवेदी की उपलब्धि पर मैहर को गर्व
मैहर के निवासी और मां शारदा देवीधाम से गहराई से जुड़े पं. मोहनलाल द्विवेदी को जब यह सम्मान प्रदान किया गया, तो पूरे सभागार में तालियों की गूंज उठी। यह पल मैहर के लिए गर्व का विषय बन गया। सम्मान के दौरान आयोजकों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने पं. मोहनलाल के सांस्कृतिक योगदान, ज्योतिष शास्त्र में गहन ज्ञान और समाजसेवा में निरंतर कार्य की सराहना की। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पं. मोहनलाल का जीवन: ज्योतिष साधना और सेवा के लिए समर्पित
पंडित मोहनलाल द्विवेदी का संपूर्ण जीवन मां शारदा की पावन नगरी मैहर में रहकर ज्योतिष विद्या की साधना और समाज सेवा को समर्पित रहा है। वे न सिर्फ एक कुशल ज्योतिषाचार्य हैं, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में भी लोगों के बीच सम्मानित स्थान रखते हैं। वर्षों की तपस्या और अध्ययन के बल पर उन्होंने हजारों लोगों को सही दिशा दी है—चाहे वह पारिवारिक समस्याएं हों, करियर से जुड़ी उलझनें या फिर मानसिक और आत्मिक शांति की तलाश।
पंडित मोहनलाल न केवल ज्योतिषीय परामर्श में निपुण हैं, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी भली-भांति निभाते आए हैं। धार्मिक आयोजनों से लेकर सामाजिक सेवा कार्यों तक, उन्होंने अनेक बार निःस्वार्थ भाव से योगदान दिया है। उनकी सादगी, विनम्रता और विद्वत्ता उन्हें एक आदर्श व्यक्तित्व बनाती है।
उनका यह स्पष्ट मानना है कि — “ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मा और मन की गहराइयों तक पहुंचने का एक वैदिक विज्ञान है, जो व्यक्ति को आत्मबोध और शांति की ओर ले जाता है।”उनकी जीवन यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसमें ज्ञान, सेवा और साधना का त्रिवेणी संगम देखने को मिलता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य – भारतीय विद्या का सम्मानइस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्योतिष विद्या को वैश्विक पहचान दिलाना और देश के अलग-अलग हिस्सों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे ज्योतिषाचार्यों को एक मंच पर लाकर सम्मानित करना था।
पंडित विनोद गौतम ने कहा कि, “हमारे देश की जड़ें प्राचीन ज्ञान-विज्ञान में हैं। आज जब पूरी दुनिया वैदिक विज्ञान और संस्कृति की ओर देख रही है, ऐसे में हमें अपने विद्वानों को आगे लाना होगा और उनकी मेहनत को पहचानना होगा।”