Chhatarpur Crime छतरपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें लुगासी चौकी पुलिस की गुंडागर्दी और दबंग व्यवहार ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। मामला सिर्फ विवाद की जांच का नहीं है, बल्कि बिना महिला पुलिसकर्मियों के महिलाओं के साथ मारपीट, घर में घुसकर धमकाने, थाने में रातभर बिठाकर पिटाई करने और मोबाइल रिसेट कर साक्ष्य नष्ट करने तक पहुँच गया है। वायरल वीडियो के बाद अब पुलिस अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
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दो पक्षों में विवाद, कई लोग गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले लुगासी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि एक पक्ष के करीब 13 लोग अचानक एक घर में घुस गए और हमला कर दिया। इस हमले में पुरुषोत्तम, हीरालाल, मंगल सिंह सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से मंगल सिंह को सिर में गंभीर चोट के चलते ग्वालियर रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि आज भी मंगल सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। Chhatarpur Crime
हमले का वीडियो घर के ही एक लड़के ने रिकॉर्ड किया था, जो बाद में इस पूरे मामले का अहम सबूत बना।
चौकी में बयान के बहाने दस्तखत, पर कार्रवाई नहीं
पीड़ित पक्ष के पुरुषोत्तम, हीरालाल और मंगल सिंह को चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता ने बयान के बहाने कई दिनों तक चौकी बुलाया। चार दिन तक लगातार बुलाने के बावजूद सिर्फ कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी दौरान जब पुरुषोत्तम और हीरालाल थाने में थे, तभी उनके घर से फोन आया कि दूसरी पार्टी फिर से हथियार लेकर उनके छोटे लड़के को मारने के लिए निकल गई है। उन्होंने यह सूचना चौकी में पदस्थ महेंद्र नायक को दी, लेकिन उनका जवाब चौकाने वाला था—
“हम क्या तुम्हारे लिए गार्ड लगाएँ?”
महिलाओं के साथ बदसलूकी, घसीटकर गाड़ी में बिठाया
पीड़ित पक्ष घर की ओर भागा, तभी महेंद्र नायक 112 टीम लेकर वहाँ पहुँच गया। इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया।
वीडियो में दिखा है कि महेंद्र नायक ने बिना महिला पुलिस के महिलाओं को घसीट-घसीटकर पीटा। किसी को लात मारी, तो किसी के सीने पर हाथ मारा। सभी को जबरन गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाया गया। Chhatarpur Crime
नौगांव थाना प्रभारी ने महिलाओं को छोड़ने के निर्देश दिए, जिसके बाद उन्हें छोड़ा गया।
151 की कार्रवाई, फिर थाने में पिटाई
पीड़ितों पर 151 की कार्रवाई करते हुए रातभर थाने में बिठाया गया। सुबह कोर्ट पेशी से पहले तीनों आरोपियों को एक कमरे में ले जाकर चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता और महेंद्र नायक ने जमकर मारपीट की। Chhatarpur Crime
हीरालाल खून से लथपथ हो गया। उसकी शर्ट तक खून से सन गई, जिसे उसने सबूत के तौर पर उतारकर अलग रख दिया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मोबाइल रिसेट कर साक्ष्य मिटाने का आरोप
पुरुषोत्तम ने आरोप लगाया कि महेंद्र नायक ने उनका मोबाइल जब्त कर उसे रिसेट कर दिया, जिससे हमले का वीडियो और अन्य सबूत पूरी तरह नष्ट हो गए। Chhatarpur Crime
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
ASP ने दिए जांच के आदेश
पूरा मामला पुलिस अधीक्षक (SP) अगम जैन तक पहुँचा। पीड़ितों ने वीडियो और अन्य साक्ष्य सहित शिकायत की।
वीडियो देखने के बाद छतरपुर ASP ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मामला अब उच्च अधिकारियों की निगरानी में है, और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
लुगासी क्षेत्र के लोग इस घटना से बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस को सुरक्षा के लिए रखा जाता है, लेकिन यहाँ तो पुलिस ही अत्याचार कर रही है। महिलाओं के साथ मारपीट और बिना महिला पुलिसकर्मियों के कार्रवाई ने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Chhatarpur Crime
लुगासी चौकी की यह घटना एक बार फिर बताती है कि पुलिस पर अंकुश और निष्पक्ष जांच कितनी जरूरी है। पीड़ितों को न्याय मिले, दोषियों पर कार्रवाई हो—इसी की मांग अब क्षेत्र के लोग कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उम्मीद है कि इस मामले पर जल्द और बड़े कदम उठाए जाएंगे। Chhatarpur Crime