rural energy revolution लखनऊ में होटल ताज पर आयोजित देवी (DEWEE) कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा की नई कहानी लिख दी। इस कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत” के सपने को साकार करने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है।
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मौर्य ने अपने संबोधन में साफ कहा – “डीआरई संवाद कोई साधारण सम्मेलन नहीं, यह एक आंदोलन है। हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण महिलाएँ सिर्फ ऊर्जा की उपभोक्ता न रहें, बल्कि ऊर्जा की असली नेतृत्वकर्ता बनें।”rural energy revolution
महिला सशक्तिकरण से आत्मनिर्भर भारत rural energy revolution
भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का सपना तभी पूरा होगा, जब महिलाएँ आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हों। इसी सोच के साथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर उन्हें उद्यमिता, शिक्षा, रोजगार और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में सशक्त बना रही है।
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उत्तर प्रदेश में आज लगभग एक करोड़ महिलाएँ SHG समूहों से जुड़ी हुई हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी नई पहचान भी बनी है।https://x.com/kpmaurya1/status/1960626697910542795?t=VYvgo6pzoiJ3QQ6BNqBDKQ&s=08
सौर ऊर्जा से बदलती ग्रामीण तस्वीर
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के उद्यमों को और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। खास बात यह है कि यदि महिलाएँ फूड प्रोसेसिंग या अन्य उद्योग लगाती हैं तो उन्हें बैंकिंग सुविधा और अनुदान तो मिलेगा ही, साथ ही उद्यमों में सोलर प्लांट लगाने पर 90% सब्सिडी भी दी जाएगी।rural energy revolution
उन्होंने कहा कि “पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए सौर ऊर्जा बेहद जरूरी है। यूपी सरकार हर गाँव में सौर समाधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
लखपति दीदी से स्वच्छ ऊर्जा उद्यमिता तक
आज प्रदेश में हजारों महिलाएँ “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, यानी अपने व्यवसाय और मेहनत से सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं। अब सरकार चाहती है कि ये महिलाएँ केवल घरेलू स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि सौर ऊर्जा आधारित उद्यमिता में भी आगे बढ़ें। rural energy revolution
इसी दिशा में “सूर्य सखी” योजना शुरू की गई है, जिसके तहत प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में समूह की महिलाएँ बतौर सूर्य सखी तैनात होंगी। इनका काम होगा – सौर उपकरणों की स्थापना, देखभाल और ग्रामीणों को जागरूक करना। rural energy revolution
महत्वाकांक्षी लक्ष्य – अगले 5 वर्षों का रोडमैप https://dainikhistory.com/
मौर्य ने अगले 5 सालों के लिए सरकार के बड़े लक्ष्य भी साझा किए –
1 लाख महिला उद्यमियों द्वारा DRE आधारित सौर समाधान अपनाना।
57,000 सूर्य सखियों का चयन और प्रशिक्षण।
प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 4 सोलर शॉप, कुल मिलाकर 3304 सोलर शॉप की स्थापना।
ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता, मरम्मत और रखरखाव के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित करना।
यह लक्ष्य न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और अन्य पहलें
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा “मातृशक्ति” की ताकत को बढ़ाने पर जोर देते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम – 2023 के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना भी ग्रामीण महिलाओं को छोटे उद्यम शुरू करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका दे रही है।
साझेदारी से मजबूत होगा ऊर्जा तंत्र
कार्यक्रम में PCI इंडिया, HSBC, ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP), गेट्स फाउंडेशन इंडिया, प्रेरणा ओजस, MSME, यूपीनेडा और एमएनआरई (भारत सरकार) जैसी संस्थाओं ने भाग लिया। सभी ने मिलकर यूपी में महिला उद्यमिता और स्वच्छ ऊर्जा तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (DRE) ही भविष्य है। यह न केवल बिजली की समस्या का समाधान है, बल्कि महिलाओं को नए रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का भी जरिया है।
अधिकारियों की बात – क्यों जरूरी है यह अभियान?
के. वी. पांडियन (आयुक्त एवं निदेशक उद्योग एवं MSME): पारंपरिक ऊर्जा की सीमाएँ हैं, लेकिन अक्षय ऊर्जा भविष्य है। SHG समूह इस बदलाव के सबसे बड़े वाहक बन सकते हैं।
“श्रीमती दीपा रंजन (आईएएस, मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों का बेहद मजबूत नेटवर्क मौजूद है। यदि इन समूहों में जागरूकता और आपसी सहयोग को और बढ़ाया जाए, तो DRE आधारित महिला उद्यमिता को नई दिशा और ऊँचाई दी जा सकती है।”
शिशिर कुमार सिंह (निदेशक, PCI इंडिया): वित्तीय संबंधों को मजबूत करना और निवेश को सुरक्षित करना इस अभियान की सफलता की कुंजी है।
दीदियों की नई पहचान
आज यूपी की महिलाएँ सिर्फ गृहिणी नहीं रहीं। वे अब बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंस सखी, नमो ड्रोन दीदी, विद्युत सखी, टेक-होम राशन और डेयरी उद्यमिता जैसी नई भूमिकाओं में प्रदेश के विकास की धुरी बन रही हैं।
देवी (DEWEE) कार्यक्रम से महिलाएँ सौर उत्पादों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव में दक्ष होंगी। इससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में भी योगदान देंगी।
नारी शक्ति से बदलेगा यूपी का भविष्य
मौर्य ने कहा कि ग्रामीण दीदियों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश न केवल महिला सशक्तिकरण का मॉडल बनेगा, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को साकार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
“इस अवसर पर (DEWEE) का लोगो भी जारी किया गया, जो महिला उद्यमिता और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहचान और प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।”