लखनऊ। Poisonous water is worsening health बीकेटी विधानसभा क्षेत्र के पहाड़पुर गांव और उसके आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोग इन दिनों गंभीर पर्यावरणीय संकट से जूझ रहे हैं। यहां स्थित एक ग्लूकोज़ फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित जल और जहरीला धुआं ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। फैक्ट्री से निकला जहरीला पानी बिना ट्रीटमेंट आसपास की खाली जमीनों और खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे भूजल दूषित हो रहा है। इसके अलावा राखड़ डस्ट और भारी वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है।
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विधायक के पैतृक गांव तक फैला प्रदूषण
पहाड़पुर गांव, जो मौजूदा भाजपा विधायक योगेश शुक्ला का पैतृक गांव है, वहां के लोग भी इस प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध और जहरीला धुआं उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है। गांव के तालाब और कुओं का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।Poisonous water is worsening health
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कई बार एसडीएम, तहसील संपूर्ण समाधान दिवस, डीएम, विधायक और यहां तक कि मुख्यमंत्री से भी शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। Poisonous water is worsening health
जहरीले पानी से बिगड़ रही सेहत
ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री से निकलने वाला बिना ट्रीटमेंट का पानी खेतों और नालियों में बहाया जा रहा है। यही पानी धीरे-धीरे गांव के जल स्रोतों में मिलकर भूजल को प्रदूषित कर रहा है।Poisonous water is worsening health
इससे लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिनमें –
सांस की बीमारियां
हृदय रोग
नेत्र रोग
त्वचा संबंधी रोग
बच्चों में जन्म संबंधी जटिलताएं
शामिल हैं।
गांव के अतरौरा, पहाड़पुर, लोहंगपुर और चक बनकट में लोग अब साफ पानी और शुद्ध हवा के लिए तरस गए हैं।
स्कूल के बच्चों पर भी खतरा
गांव के ही एक सरकारी विद्यालय के पास से गुजरने वाली सड़क पर दिनभर राखड़ डस्ट उड़ती रहती है। बच्चों को स्कूल आते-जाते समय बदबू और धुएं से सांस लेने में तकलीफ होती है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है क्योंकि बड़े ट्रक और टैंकर लगातार आवाजाही करते रहते हैं।Poisonous water is worsening health
ग्रामीणों की पीड़ा और प्रशासन की चुप्पी
चक बनकट गांव के निवासी अंकुश कहते हैं –
“फैक्ट्री लगने के बाद से गांव में रहना मुश्किल हो गया है। जहरीली बदबू और डस्ट से गांव में रोग बढ़ गए हैं। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
वहीं, गांव के श्रीराम का कहना है –
“गांव का पर्यावरण पूरी तरह खराब हो गया है। मच्छरों और डस्ट की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। प्रशासन की उदासीनता से लोग अब आंदोलन करने को मजबूर हैं।”
लोहंगपुर के महेंद्र का आरोप है कि –
“विधायक जी ने पहले वादे किए थे कि ग्रामीणों की समस्याएं जल्द सुलझाई जाएंगी, लेकिन अब सब चुप हैं। न विधायक, न ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है।”
प्रदूषण बोर्ड और प्रशासन के बयान
क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ) का कहना है –
“फैक्ट्री द्वारा प्रदूषण मानकों के उल्लंघन की शिकायत मिली थी। उस समय चेतावनी और जुर्माना लगाया गया था। अगर अब भी नियम तोड़े जा रहे हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, शरद सिंह (तहसीलदार, बीकेटी) ने कहा –
“आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए जाएंगे और ग्रामीणों की समस्याओं का यथोचित समाधान किया जाएगा।”
ग्रामीणों की मांग – भूजल की जांच हो और फैक्ट्री पर कार्रवाई
ग्रामीण अब भूजल की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री के चलते गांव के लोग धीरे-धीरे बीमार हो रहे हैं और हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
Poisonous water is worsening health बीकेटी विधानसभा के आधा दर्जन गांवों के लोग ग्लूकोज़ फैक्ट्री से निकल रहे जहरीले धुएं और दूषित पानी की वजह से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीण लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान सामने नहीं आया है। सवाल यह है कि आखिर कब प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे और ग्रामीणों को राहत दिलाएंगे?https://dainikhistory.com/