गोवर्धन। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिपुरा के प्राथमिक विद्यालय में नजारा कुछ खास था। नन्हे-मुन्ने बच्चे देशभक्ति के गीत गा रहे थे, तिरंगा लहरा रहा था और इसी बीच उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए श्रीजी फाउंडेशन ने एक अनोखी पहल की। सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना से प्रेरित इस संस्था ने 100 से ज्यादा बच्चों को उपहार और पाठ्य सामग्री वितरित की, जिससे स्कूल का माहौल खुशनुमा हो गया।
बच्चों को मिला पढ़ाई और प्रोत्साहन का तोहफा
शुक्रवार सुबह स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत श्रीजी फाउंडेशन के अध्यक्ष पंकज स्वर्णकार द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने सामाजिक सेवा के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा के छात्र-छात्राओं को नोटबुक, पानी की बोतल, पेंसिल कलर, कटर, रबड़, बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य जरूरी पाठ्य सामग्री भेंट की। बच्चों को यह उपहार पाकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनके चेहरे खुशी से दमक उठे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन शर्मा ने श्रीजी फाउंडेशन के सदस्यों का सम्मान करते हुए कहा कि इस तरह की पहल बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ाती है।
पढ़ाई के महत्व पर सरल संदेश
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष पंकज स्वर्णकार ने बच्चों से बड़े ही सहज और सरल शब्दों में पढ़ाई का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह ताकत है जो हमें जीवन में आगे बढ़ने, अपने सपनों को पूरा करने और समाज में सम्मान पाने का रास्ता दिखाती है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने की सलाह दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शिक्षा के अधिकार पर जोर
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता गिर्राज कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे समाज की संस्कृति और संस्कार ही हमारे भविष्य की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बच्चों की शिक्षा की पहली सीढ़ी है, जहां हर तबके के बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए।
गिर्राज कटारा ने सरकार की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज भी कई निर्धन परिवारों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। आधुनिक सुविधाओं की तो बात ही छोड़ दें, कई जगह बुनियादी शिक्षा की भी कमी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारों की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वे प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करें, लेकिन लापरवाही और उदासीनता के कारण बच्चों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के जागरूक लोग और संगठन मिलकर इस स्थिति को बदलने का प्रयास करेंगे और किसी भी बच्चे का भविष्य अंधकार में नहीं जाने देंगे।
सामूहिक सहयोग से बना यादगार दिन
इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्य और समाजसेवी मौजूद रहे, जिनमें हरे कृष्ण चौधरी, प्रदीप शर्मा, डॉ. कमल सिंह यदुवंशी, दीपक सैनी, अशोक कुमार, कन्हैया कुमार शर्मा, करन ठाकुर, गोपाल रजक, ओमप्रकाश सैनी, कृष्ण मुरारी सोनी, मोहित गोस्वामी, राजू सैनी, बाल किशन मास्टर, मुकेश सैनी, प्रकाश पहलवान, पवन चौधरी, राहुल सोनी आदि शामिल थे।
सभी ने मिलकर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशी मनाई और इस पहल को यादगार बनाया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने देशभक्ति के गीत गाए और तिरंगे के साथ समूह फोटो खिंचवाए।