गोवर्धन। मथुरा जिले के थाना मगोर्रा क्षेत्र के गांव फौडर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 20 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान महक (निवासी – पिलसुआ, थाना राया) के रूप में हुई है, जिसकी शादी मात्र पांच महीने पहले रिंकू नामक युवक से हुई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही मगोर्रा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
मृतका के परिजनों के अनुसार, महक की शादी कुछ महीने पहले बड़े धूमधाम से की गई थी, लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए परेशान करता था। आरोप है कि महक को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार महक की ससुराल वालों से बात की, लेकिन हर बार मामला टाल दिया गया। घटना के दिन अचानक महक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर आई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।
ससुराल वाले फरार, परिजनों की मांग – आरोपियों की गिरफ्तारी हो
घटना के बाद से ससुराल पक्ष के सभी लोग घर से फरार हो गए हैं। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि महक की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
परिवार का साफ कहना है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कठोर सजा दी जाए।
पुलिस की कार्रवाई
थाना मगोर्रा प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों की शिकायत पर मृतका के पति टिंकू, ससुराल पक्ष और अन्य आरोपियों पर दहेज हत्या, प्रताड़ना और हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर भी सवाल
गांव फौडर और आसपास के इलाके में इस घटना के बाद आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दहेज प्रताड़ना जैसी कुरीतियों पर रोक लगाई जा सके।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि दहेज की मांग को लेकर होने वाली मौतें समाज के लिए शर्मनाक हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दहेज प्रथा पर एक बार फिर सवाल
यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा पर बड़े सवाल खड़े करता है। हर साल सैकड़ों महिलाओं की जान दहेज की भेंट चढ़ जाती है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि जब तक समाज में जागरूकता और कानूनी सख्ती नहीं बढ़ेगी, तब तक ऐसे मामलों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।