लखनऊ के बीकेटी विकासखंड के पलिया गांव में प्रदूषण की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। गांव में स्थित फैबकॉन फैक्ट्री नियमों की अनदेखी करते हुए केमिकल मिला हुआ दूषित पानी खुले नालों और ड्रेनों के जरिए तालाब में छोड़ रही है। इस जहरीले पानी ने न सिर्फ तालाब को बल्कि आसपास के भूजल स्रोतों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
Table of Contents
(Pollution is becoming a serious issue day by day in Palia village of BKT development block, Lucknow. The Fabcon factory located in the village is violating rules by releasing chemical-contaminated wastewater into open drains and sewers, which eventually flows into the village pond. This toxic water has started affecting not only the pond but also the nearby groundwater sources.)
ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्ट्री के चलते गांव की जिंदगी मुश्किल हो गई है। तालाब और आसपास के इलाकों में बदबू और गंदगी फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। Groundwater Pollution
ग्रामीणों की चिंता: भूजल और तालाब दोनों दूषित
गांव के लालजी, संदीप और कौशल जैसे ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री संचालक बिना किसी ट्रीटमेंट के केमिकल युक्त पानी सरकारी नाले में छोड़ते हैं। यह पानी नाले के रास्ते सीधे गांव के तालाब में पहुंचकर भूजल को खराब कर रहा है। Groundwater Pollution https://dainikhistory.com/
इस बरसात के मौसम में तालाब का दूषित पानी ज़मीन में रिसकर भूजल को भी जहरीला बना रहा है। यही पानी ग्रामीण पीने और घरेलू कामों में इस्तेमाल करते हैं। गांववालों का कहना है कि यही कारण है कि अब लोग पेट दर्द, त्वचा रोग और अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। Groundwater Pollution
स्कूल के बच्चों पर असर
फैक्ट्री का गंदा पानी तालाब के पास जमा होने से उठने वाली दुर्गंध स्कूल के बच्चों के लिए परेशानी बन गई है। गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे बदबू और मच्छरों की वजह से परेशान रहते हैं।
सरकार जहां एक ओर संचारी रोगों से बचाव के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री की लापरवाही से गांव के बच्चे बीमारियों की चपेट में आने के खतरे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पर स्कूल प्रबंधन और ग्राम पंचायत भी ध्यान नहीं दे रही। Groundwater Pollution Groundwater Pollution
प्रशासन से शिकायत, लेकिन कोई नतीजा नहीं
ग्रामीण लालजी का कहना है कि गांव के भूजल की जांच करवाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई है, लेकिन अब तक पानी के नमूने जांच के लिए नहीं भेजे गए।
लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता तो आने वाले दिनों में पलिया और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संकट गहराएगा। Groundwater Pollution Groundwater Pollution
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का बयान
उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक जेपी मौर्य ने कहा कि अगर ग्रामीण चाहेंगे तो विभाग गांव के भूजल का नमूना लेकर जांच करेगा। अगर जांच में रसायनों की मात्रा तय सीमा से अधिक मिली, तो फैक्ट्री संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Groundwater Pollution
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि फैबकॉन फैक्ट्री पर तत्काल कार्रवाई की जाए। गांव के तालाब और भूजल को बचाने के लिए दूषित पानी की निकासी रोकनी होगी। साथ ही, फैक्ट्री से निकलने वाले पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही छोड़ा जाए।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
पलिया गांव की यह समस्या अब सिर्फ पर्यावरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ गई है। फैक्ट्री की लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह प्रदूषण बड़ी बीमारी और संकट का कारण बन सकता है।