गोवर्धन, मथुरा। Govardhan Kisan Protest किसानों की लगातार बढ़ती परेशानियों और अनसुलझी समस्याओं को लेकर आज गोवर्धन तहसील परिसर आंदोलन का केंद्र बना रहा। भारतीय किसान यूनियन (सुनील गुट) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने यहां धरना प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की और अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
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धरने की अगुवाई किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव लक्ष्मण चौधरी ने की। उन्होंने साफ कहा कि किसान आज बेहद कठिन हालात से गुजर रहा है। खेतों के लिए जरूरी डीएपी खाद बाजार में उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते किसान दर-दर भटक रहा है। इसके अलावा हाल ही में हुई बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। ऐसे हालात में किसानों को तत्काल मुआवजे की जरूरत है। Govardhan Kisan Protest
किसानों की तीन बड़ी मांगे
किसान सभा ने उपजिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें रखीं—
- किसानों को तत्काल डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। Govardhan Kisan Protest
- हाल की बारिश और जलभराव से नष्ट हुई फसल का किसानों को उचित और समय पर मुआवजा दिया जाए।
- कोटा मोजा क्षेत्र के किसानों की जमीन का रेलवे विभाग द्वारा अधिग्रहण किया जा रहा है। इसका किसानों को उचित मूल्यांकन और मुआवजा मिले। Govardhan Kisan Protest
चेतावनी भी दी किसान नेताओं ने
धरने को संबोधित करते हुए लक्ष्मण चौधरी ने कहा कि यदि प्रशासन किसानों की इन मांगों को जल्द पूरा नहीं करता, तो मजबूरन किसान सभा को बड़े स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसान पहले ही घाटे में है और अब प्रशासन की लापरवाही से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। Govardhan Kisan Protest
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किसान नेताओं ने रखी एकजुटता की मिसाल
धरना स्थल पर भारी संख्या में किसान पहुंचे और नारेबाजी कर प्रशासन को चेतावनी दी। इस मौके पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष थान सिंह पहलवान, मथुरा महानगर उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पाठक, प्रदेश सचिव उमेश चौधरी, गुड्डू लोहिया, राधेश्याम बड़े पहलवान, विनोद बेरु, लोकेन्द्र, सुरेन्द्र, चंद्रपाल, चीकू चौधरी, सेटू सेठ समेत कई किसान नेता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों की समस्याओं को उठाया और कहा कि अब किसान अपनी आवाज दबाकर नहीं बैठेगा। Govardhan Kisan Protest
किसानों की बढ़ती समस्याएं और हकीकत
किसानों का कहना है कि इस समय फसल की बुवाई का सीजन है और डीएपी खाद की किल्लत ने संकट खड़ा कर दिया है। बिना खाद के समय पर बोवाई मुश्किल हो रही है। दूसरी ओर, जलभराव से फसल की बर्बादी ने पहले ही भारी नुकसान करा दिया है। जिन जमीनों का रेलवे विभाग अधिग्रहण कर रहा है, उनके किसान भी मुआवजा न मिलने से परेशान हैं। Govardhan Kisan Protest
आंदोलन की आहट
धरने में मौजूद किसान नेताओं ने साफ कहा कि अगर सरकार और प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह आंदोलन तहसील स्तर से निकलकर जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि इस बार वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और हर हाल में अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। Govardhan Kisan Protest
धरने के दौरान माहौल काफी गरम रहा। नारेबाजी से तहसील परिसर गूंज उठा। उपजिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में यह साफ लिखा गया कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे, अन्यथा किसान सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मथुरा जिले के गोवर्धन तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (सुनील) ने किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। डीएपी खाद की किल्लत, जलभराव से नष्ट हुई फसल का मुआवजा और रेलवे भूमि अधिग्रहण पर उचित भुगतान सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगे न मानने पर बड़ा आंदोलन होगा। Govardhan Kisan Protest