देश विदेश जनसम्पर्क उत्तरप्रदेश मौसम सक्सेस स्टोरी खेल एजुकेशन कृषि राशिफल धर्म

लखनऊ गोमती के जलभराव से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए अब किसानों को नहीं पड़ेगा भटकना : शरद सिंह

लखनऊ के बीकेटी तहसील क्षेत्र में गोमती नदी के जलभराव से बर्बाद फसलों का मुआवजा अब हरदा कॉलोनी में लगने वाले कैंप के जरिए मिलेगा। तहसीलदार शरद सिंह ने किसानों को राहत देने के लिए अगस्त भर दस्तावेज़ जमा करने की सुविधा शुरू की है।

On: August 13, 2025 8:20 PM
Follow Us:

लखनऊबीकेटी तहसील के लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर, अकड़रिया, जमखनवा समेत कई गांवों के किसानों के लिए राहत की खबर है। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव से इस बार भी कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। लेकिन इस बार मुआवजा पाने के लिए किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। तहसीलदार शरद सिंह ने किसानों की सुविधा के लिए हरदा कॉलोनी में विशेष कैंप शुरू किया है, जहां प्रभावित किसान अपने जरूरी दस्तावेज जमा कर सीधे मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

क्यों खास है ये कैंप?
पिछले साल भी गोमती के जलभराव ने हजारों किसानों की धान, उरद और सब्जियों की फसलें पूरी तरह तबाह कर दी थीं। लेकिन तब कई किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया था। इसका कारण था लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया, दस्तावेज़ी देरी और किसानों की बार-बार तहसील के चक्कर लगाने की मजबूरी।
इस बार तहसील प्रशासन ने तय किया है कि कोई भी किसान मुआवजे से वंचित न रहे। इसी वजह से हरदा कॉलोनी में कैंप लगाकर किसानों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज मौके पर ही जमा किए जा रहे हैं।

पूरे अगस्त चलेगा कैंप
तहसीलदार शरद सिंह ने बताया कि कैंप सोमवार से शुरू हो चुका है और यह अगस्त महीने भर चलेगा। किसान यहां आकर अपनी फसल बर्बादी की जानकारी और आवेदन एक साथ दे सकते हैं।
इससे न केवल प्रक्रिया आसान होगी बल्कि मुआवजा मिलने में समय भी कम लगेगा। उन्होंने बताया कि कैंप में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो और सरकारी सहायता सीधे किसानों तक पहुंचे।

जो किसान नहीं आ सकते, उनके लिए भी व्यवस्था
हर किसान हरदा कॉलोनी तक नहीं आ सकता, खासकर वे किसान जिनकी जमीनें जलभराव से पूरी तरह घिर चुकी हैं। ऐसे किसानों के लिए राजस्व टीम गठित की गई है। यह टीम गांव-गांव जाकर किसानों से सीधे संपर्क करेगी, उनके दस्तावेज लेगी और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
इस तरह कोई भी प्रभावित किसान छूटने न पाए, यही प्रशासन का मकसद है।

किसानों को मिलेगी राहत
कई बार किसानों को फसल नुकसान के बाद मुआवजा पाने में महीनों लग जाते हैं। इस बीच उन्हें आर्थिक तंगी, कर्ज चुकाने का दबाव और अगली फसल के लिए पूंजी जुटाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस पहल से अब किसानों को उम्मीद है कि मुआवजा जल्दी और बिना किसी परेशानी के मिल जाएगा।

किसानों की प्रतिक्रिया
गांव जमखनवा के किसान रामप्रसाद ने बताया –
“पिछली बार पानी में हमारी पूरी धान की फसल चली गई थी, लेकिन मुआवजा पाने में लगभग छह महीने लग गए। इस बार अगर तहसीलदार जी का ये कैंप है तो हम सीधे आवेदन कर देंगे और उम्मीद है कि समय पर पैसा मिल जाएगा।”

वहीं, लासा गांव के किसान हरीश यादव ने कहा –
“हमारे लिए यह बहुत बड़ी राहत है। तहसील तक बार-बार जाना बहुत मुश्किल होता है। अब गांव के पास ही कैंप लग गया है तो आसानी होगी।”

कदम किसानों के हित में
तहसीलदार शरद सिंह का कहना है –
“हमारा मकसद है कि कोई भी किसान मुआवजे से वंचित न रहे। जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदा में किसान पहले से ही नुकसान झेल रहा होता है। ऐसे में उसकी मदद करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुआवजे की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाएगा ताकि हर आवेदन की स्थिति स्पष्ट रहे और किसान किसी भी समय अपनी फाइल की स्थिति जान सकें।

[URIS id=5981]

अजय सिंह चौहान लखनऊ

अजय सिंह चौहान – एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार अजय सिंह चौहान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी एक वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार हैं, जिन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में पिछले ढाई दशकों से उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2009 में उन्होंने आगरा से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में लखनऊ जिले के संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपने 25 वर्षों के व्यापक अनुभव के दौरान अजय सिंह चौहान ने जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग, जनहित से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों को मजबूती से उठाया। उन्होंने पत्रकारिता को केवल एक पेशा न मानकर, समाज सेवा का सशक्त माध्यम माना और हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक व जनपक्षधर लेखन को प्राथमिकता दी। वर्तमान में अजय सिंह चौहान मध्य प्रदेश के प्रमुख हिन्दी दैनिक स्वदेश के लखनऊ संस्करण में ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें न केवल एक कुशल पत्रकार, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बना दिया है।

Join WhatsApp

Join Now

- Join Arattai

Join Now

और पढ़ें

Sanatan Ekta Padyatra

Sanatan Ekta Padyatra बाबा बागेश्वर की पदयात्रा यूपी में प्रवेश, योगी सरकार की जमकर तारीफ — तीन दिन तक कड़ी सुरक्षा में रहेगी यात्रा

Kalyan Karoti

Kalyan Karoti गोवर्धन में कल्याण करोती का 24वां निशुल्क नेत्र शिविर शुरू, पाँच दिन तक मिलेंगी मुफ्त आँखों की जांच और इलाज की सुविधा

Sanatan Dharma

Sanatan Dharma सनातन धर्म पदयात्रा पहुंची ब्रजभूमि, बागेश्वर धाम सरकार का फूलों से हुआ भव्य स्वागत

Vrindavan Samuhik Vivah

Vrindavan Samuhik Vivah वृंदावन में 132 जोड़े बंधे विवाह सूत्र में, संत बाबा बलराम दास ने दिया आशीर्वाद और उपहार

UP police action

UP police action मथुरा में पुलिस मुठभेड़: हत्या के दो आरोपी पकड़ाए, एक के पैर में गोली लगी, दूसरा जेल भेजा गया

Govardhan temple fraud

Govardhan temple fraud गोवर्धन के गिर्राज मुकुट मुखारबिंद मंदिर में 3 करोड़ से अधिक का गबन, ठेकेदारों पर धोखाधड़ी का आरोप

error: Content is protected !!