concern of tribals कांकेर जिले में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्राम हाटकोंदल में ग्रामीणों को करोड़ों रुपए की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 7 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से बने और बनने वाले चार निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
उप मुख्यमंत्री ने मंच से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कहा कि “कभी माओवाद का गढ़ कहलाने वाला बस्तर आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। यहां के आदिवासी भाइयों-बहनों की चिंता न सिर्फ राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार भी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर में शांति और तरक्की स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”
मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ
कांकेर दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। यह लाइब्रेरी ग्रामीण और खासकर विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का नया केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की सबसे मजबूत नींव है, और इस लाइब्रेरी से बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे।
हाटकोंदल को मिली 7.32 करोड़ की सौगात
ग्राम हाटकोंदल के हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री ने 7.32 करोड़ रुपए की लागत से बने 4 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4.60 करोड़ रुपए के तीन कार्य पूरे कर लोकार्पित किए गए और 2.72 करोड़ रुपए के एक कार्य का भूमिपूजन किया गया।
पूरे और शुरू किए गए कार्यों में शामिल हैं:
ग्राम आमाकड़ा, दुर्गुकोंदल में 50 सीटर आदिवासी कन्या आश्रम – लागत 1.62 करोड़ रुपए
हायर सेकंडरी स्कूल, हाटकोंदल का नया भवन – लागत 1.20 करोड़ रुपए
जाड़ेकुर्से नाला पर उच्च स्तरीय पुल – लागत 1.76 करोड़ रुपए
कंगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय, दुर्गुकोंदल में 100 बिस्तरयुक्त छात्रावास भवन का भूमिपूजन – लागत 2.72 करोड़ रुपए
इन सौगातों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई, आश्रय और आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई घोषणाएं भी की गईं
सिर्फ लोकार्पण और भूमिपूजन ही नहीं, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों की मांगों पर कुछ नई घोषणाएं भी कीं।
ग्राम हाटकोंदल से भीरावाही मार्ग पर छोकरा नाला में पुल का निर्माण
ग्राम हाटकोंदल में रंगमंच निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की स्वीकृति
इन घोषणाओं से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
तीज और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं
अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को तीज पर्व और आगामी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि अब बस्तर सिर्फ त्योहार और संस्कृति का केंद्र ही नहीं, बल्कि विकास और शिक्षा का भी प्रमुख गढ़ बनता जा रहा है।
बड़े नेताओं की मौजूदगी
इस मौके पर कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी और कांकेर विधायक आशाराम नेताम भी मंच पर मौजूद रहे। सभी ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं और बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीओपी व प्रशिक्षु आईपीएस आकाश, एडिशनल एसपी दिनेश सिन्हा और एसडीएम भानुप्रतापपुर जीडी वाहिले भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
बस्तर बदल रहा चेहरा
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि बस्तर की तस्वीर अब बदल रही है। पहले यहां सिर्फ नक्सलवाद की चर्चा होती थी, लेकिन अब शिक्षा, सड़कें, पुल, स्कूल और छात्रावास की बात हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर का आदिवासी समाज देश की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और यही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
ग्रामीणों का उत्साह
ग्राम हाटकोंदल और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस समारोह में पहुंचे। ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं का उत्साह भी देखने लायक था। नए स्कूल भवन और छात्रावास की सौगात से उनके चेहरे खिल उठे।
कांकेर जिले में हुए इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सरकार अब विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए गंभीर है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणाओं और सौगातों से न सिर्फ हाटकोंदल, बल्कि पूरे कांकेर और बस्तर क्षेत्र को फायदा मिलेगा।
आज जब बस्तर का नाम आता है तो केवल संघर्ष नहीं, बल्कि शिक्षा और विकास की नई कहानियां भी सामने आ रही हैं। और यही इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।