Bhoomipujan of Nalanda campus कांकेर नगर के लिए शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कांकेर नगर के घड़ी चौक के पास नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग जोन) के निर्माण का भूमिपूजन किया। इस परियोजना की कुल लागत 4 करोड़ 71 लाख रूपए है। भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता भोजराज नाग ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कांकेर विधायक आशाराम नेताम भी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विधिविधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर परिसर के निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लगातार विकास कार्य और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के नगरीय निकायों को स्वच्छता और प्रशासनिक कार्यों में 07 अवॉर्ड्स मिल चुके हैं, जो जनता की जागरूकता और प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
साव ने बताया कि पिछले एक साल में प्रदेश के नगरीय निकायों को 7,000 करोड़ रूपए से अधिक की राशि जारी की गई है। इसी में कांकेर नगरपालिका परिषद को 21 करोड़ रूपए विभिन्न विकास कार्यों के लिए दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने युवाओं के हित में पीएससी घोटाले की जांच कर न्याय सुनिश्चित किया। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की पहल लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण किया गया है, जिससे प्रदेश के 300 से अधिक शिक्षकविहीन विद्यालयों में अध्यापक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 5,000 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उप मुख्यमंत्री ने उपस्थित नागरिकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान’ के तहत भविष्य में भी जिले के नगरीय निकायों के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नालंदा परिसर का उपयोग कर अपने भविष्य को संवारने की प्रेरणा दी। साथ ही निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि परिसर का निर्माण समय से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहर की गरिमा बनाए रखी जा सके।
इससे पहले, कांकेर सांसद भोजराज नाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय जैसी शिक्षा संस्थाओं की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और अवसर प्रदान करने में लगातार प्रयासरत है।
विधायक आशाराम नेताम ने जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित मावा मोदोल कोचिंग सेंटर की उपलब्धियों का जिक्र किया और बताया कि इस सेंटर से कई बच्चे होमगार्ड में चयनित हुए हैं। उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा कांकेर नगर के विकास के लिए बजट में प्रावधान करने के लिए आभार जताया।
नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने नगर में अब तक हुए कार्यों की संक्षिप्त जानकारी दी, जबकि कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने नालंदा परिसर के निर्माण के महत्व और इसकी शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावना पर प्रकाश डाला।
भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, उपाध्यक्ष ताराबती ठाकुर, नगरपालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले और शिशुपाल शोरी सहित जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम अरुण वर्मा, विभिन्न वार्डों के पार्षद और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।
नालंदा परिसर के निर्माण से न केवल छात्रों और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलेगा, बल्कि यह कांकेर नगर के लिए एक नया शैक्षणिक केंद्र भी साबित होगा। यह परिसर आधुनिक पुस्तकालय सुविधाओं, अध्ययन कक्ष और रीडिंग जोन के साथ युवाओं के ज्ञान और कौशल विकास में सहायक बनेगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि नगरवासियों की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से कांकेर नगर आने वाले समय में शिक्षा, स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में मॉडल बन सकता है।
इस मौके पर अधिकारियों और नागरिकों ने उम्मीद जताई कि नालंदा परिसर से बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलेगी। यह परिसर आने वाले वर्षों में छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और कांकेर नगर की शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाने में मदद करेगा।