रविशंकर सोनी पन्ना/पवई। Viral fever havoc इस समय पवई और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदल रहा है। कभी धूप और कभी बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल दिया है। यही वजह है कि नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों मलेरिया, वायरल फीवर और सर्दी-जुखाम की समस्या तेजी से फैल रही है।
बदलते मौसम और बरसाती पानी के जमाव ने मच्छरों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। पवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अस्पताल के ओपीडी कक्ष और दवा काउंटर पर सुबह-सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। पिछले कुछ दिनों में चार सैकड़ा से अधिक मरीज इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुँच चुके हैं।
मरीजों की शिकायतों में सबसे आम है बुखार, सिर दर्द, सर्दी-जुखाम, ठंड लगना और लगातार कमजोरी महसूस होना। स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, कई मरीजों को वायरल फीवर भी हुआ है।
ग्रामीण अंचलों में स्थिति और गंभीर है। खेतों और नालियों में जमा पानी मच्छरों के प्रकोप को बढ़ा रहा है। गंदगी और नमी के कारण बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर पवई आना पड़ता है क्योंकि उनके इलाके में स्वास्थ्य सुविधा नहीं है।
मरीजों और परिजनों ने भी बताया कि अस्पताल में भीड़ इतनी ज्यादा है कि घंटों इंतजार करना पड़ता है। दवा काउंटर और जांच कक्ष के बाहर लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी बढ़ती मरीज संख्या के चलते काम में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें। खुले में पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी और कीटाणुनाशक दवा का उपयोग करें। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार, ठंड लगना या लगातार कमजोरी महसूस होने पर लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएँ।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और बरसात के पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में व्यक्तिगत सुरक्षा सबसे अहम है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देना जरूरी है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
स्वास्थ्य केंद्र में भीड़ और मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते डॉक्टरों ने आग्रह किया है कि लोग किसी हल्की शिकायत में भी देर न करें। समय रहते इलाज कराने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से और अधिक चिकित्सा सुविधा और दवाओं की उपलब्धता की मांग की है। कई ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्टाफ और दवा स्टॉक बनाए रखना जरूरी है ताकि भीड़ होने पर भी इलाज सुचारू रूप से हो सके।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि वायरल फीवर और मलेरिया के लक्षण अक्सर समान दिखाई देते हैं, लेकिन सही जांच और समय पर इलाज से मरीज जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि कोई भी बीमार व्यक्ति बिना सलाह के दवा न लें और खुद से उपचार करने की गलती न करें।
स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन ने विशेष तौर पर चेतावनी दी है कि बारिश के मौसम में मच्छरों से बचाव के उपायों को नजरअंदाज न करें। घर और आस-पास के क्षेत्र को साफ रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें।
अंततः, बदलते मौसम और बारिश के पानी के चलते पवई और आसपास के क्षेत्रों में मलेरिया, वायरल फीवर और सर्दी-जुखाम का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को समय पर इलाज कराना और स्वच्छता बनाए रखना ही इस संकट से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।