RAISEN, Farmer suicide attempt दोपहर का समय था, जब कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारी अचानक दंग रह गए। कारण था—एक किसान ने अचानक कलेक्ट्रेट परिसर में लगे पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाने की कोशिश शुरू कर दी। वहां मौजूद लोगों और अधिकारियों की सांसें थम गईं। मौके पर मौजूद लोग दौड़कर पहुंचे और उसे फंदा लगाने से रोकने की कोशिश करने लगे। अधिकारी भी तुरंत पहुंच गए और मिन्नतों और समझाने-बुझाने के बाद किसान को नीचे उतरने के लिए राजी कर लिया। जैसे ही किसान पेड़ से उतरा, वहां मौजूद अधिकारी और लोग राहत की लंबी सांस लेकर तनाव मुक्त हुए। Farmer suicide attempt
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किसान का पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास
दरअसल मामला देवरी तहसील क्षेत्र के मां रेवा वेयरहाउस से जुड़ा है। पिछले कुछ समय से यहां मूंग की खरीदी के बाद कई किसानों को अब तक उनका भुगतान नहीं मिला है। हकीकत यह है कि दस किसानों के बिल भी अभी तक तैयार नहीं हुए हैं। वहीं खरीदी बंद होने के बाद से उनकी उपज आठ अगस्त से ही वेयरहाउस में रखी हुई है। ऐसे में किसानों में निराशा और गुस्सा बढ़ता गया। Farmer suicide attempt
इसी कड़ी में एक किसान कल्ला रजक मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी उपज का भुगतान न होने के विरोध में हंगामा खड़ा कर दिया और गुस्से में पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाने की कोशिश कर दी। प्रशासन और अन्य मौजूद लोगों ने तत्काल कार्रवाई की और उसे समझाकर नीचे उतारा। Farmer suicide attempt
इसके बाद कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, डिप्टी कलेक्टर और कृषि विभाग के अधिकारी किसानों की बात सुनने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पहुंचे। कल्ला रजक ने अधिकारियों को बताया कि वेयरहाउस पर उनकी उपज रखी हुई है, लेकिन न तो उनका बिल बना है और न ही भुगतान हुआ है। उन्होंने बताया कि अन्य नौ किसानों की भी स्थिति ऐसी ही है। Farmer suicide attempt
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने इस गंभीर मामले को देखते हुए उपसंचालक कृषि केपी भगत को निर्देश दिए कि कल्ला रजक सहित अन्य किसानों के भुगतान की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का सही समय पर मूल्य मिलना बेहद जरूरी है और प्रशासन इस मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेगा। Farmer suicide attempt
हालांकि, दिन भर प्रशासन की कोशिशों के बावजूद शाम तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया। किसान अब भी अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए कलेक्टर ऑफिस के पास खड़े हैं। स्थानीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों में सभी लंबित भुगतान निपटा दिए जाएंगे। Farmer suicide attempt
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि किसानों में अपनी उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान न मिलने की स्थिति में गुस्सा बढ़ सकता है। यही वजह है कि प्रशासन को समय रहते न सिर्फ किसानों की समस्याओं को सुनना जरूरी है, बल्कि उनके हक का भुगतान सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Farmer suicide attempt
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले अक्सर तब सामने आते हैं, जब वेयरहाउस या खरीदी केंद्र पर प्रक्रिया धीमी रहती है। कई बार किसानों को शिकायतों का सही समाधान नहीं मिलता, जिससे उनका गुस्सा सीधे प्रशासन और अधिकारियों पर निकलता है। कल्ला रजक का यह प्रदर्शन भी इसी नाराजगी का नतीजा था।
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित भुगतान तुरंत किसानों तक पहुंचे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वेयरहाउस की प्रक्रिया को तेज किया जाए। Farmer suicide attempt
इस पूरे मामले ने प्रशासन और कृषि विभाग के लिए चेतावनी का काम किया है। अब यह देखना बाकी है कि अगले कुछ दिनों में किसानों का भुगतान किस तरह से पूरा किया जाता है। स्थानीय किसानों ने उम्मीद जताई है कि उनका हक जल्द मिलेगा और वे फिर से अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि किसानों की भावनाओं और उनकी मेहनत का सम्मान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। देवरी तहसील के किसान अब प्रशासन की कार्रवाई पर निगाह रखे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उनके लंबित भुगतान का समाधान होगा।