रायसेन (बरेली)। Cruel mother throws innocent newborn in the garbage सोचिए, एक मां जिसने नौ महीने तक गर्भ में बच्चे को पाला, वही अगर जन्म के कुछ ही घंटों बाद उसे कचरे में फेंक दे तो इसे आप क्या कहेंगे? ममता की मूर्ति कही जाने वाली मां का यह चेहरा इंसानियत को शर्मसार कर देनेवाला है। सुबह रायसेन जिले के बरेली नगर में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया।https://youtube.com/shorts/KNDVlaaeRpI?si=BpzONQe5hFgtElKI
Table of Contents
(In Raisen district’s Bareli town, a newborn baby was found alive in a garbage vehicle, creating a stir. The cruel mother dumped the innocent baby in trash. The baby is now safe in hospital, locals eager to adopt, police investigation underway.)
नगर परिषद की कचरा गाड़ी से एक नवजात बच्ची जीवित हालत में मिली। बच्ची के शरीर पर कचरा और गोबर चिपका हुआ था। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए। सवाल उठने लगे—कैसी मां होगी वो, जिसने अपने जिगर के टुकड़े को कचरे में फेंक दिया?
Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
रोने की आवाज़ ने बचाई जान
वार्ड क्रमांक 13 और 14 से रोजाना की तरह कचरा इकट्ठा कर रहे गाड़ी चालक इरशाद खान और हेल्पर रवि डागोर को नर्सिंग टेकरी मंदिर के पास अचानक कचरे से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें लगा किसी जानवर की आवाज़ है, लेकिन आवाज़ लगातार तेज होती गई।Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
आसपास के लोगों को बुलाया गया। वार्ड 13 के निवासी नरेंद्र मांझी ने साहस दिखाते हुए कपड़े में लिपटी पोटली खोली। पोटली खुलते ही सबकी आंखें भर आईं—अंदर एक नवजात बच्ची थी। कचरे और गोबर से सनी यह मासूम जिंदगी के लिए जूझ रही थी।Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
NGO और डॉक्टरों ने थामी बच्ची की सांसें
खबर मिलते ही सामाजिक संगठन टीम पहल मौके पर पहुंचा। उन्होंने बच्ची को तुरंत सिविल अस्पताल बरेली पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची को हाइपोथर्मिया और हल्का बुखार है। लेकिन भगवान की कृपा और समय पर मिले इलाज की वजह से अब वह खतरे से बाहर है।Cruel mother throws innocent newborn in the garbage https://www.facebook.com/share/v/16ths9JY51/
अस्पताल स्टाफ ने भी कहा कि बच्ची का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
नगर में गुस्सा और सवाल
घटना सामने आते ही नगर में गुस्सा फूट पड़ा। लोग सवाल करने लगे—क्या मां इतनी निर्दयी हो सकती है? जो बच्ची अपने छोटे-छोटे हाथों से दुनिया देखने आई थी, उसे जन्म देने वाली ने मौत के मुंह में क्यों धकेला?
लोगों का कहना है कि अगर कोई मां-बाप बच्ची की जिम्मेदारी उठाने में असमर्थ हैं, तो सरकार और समाज में कई विकल्प मौजूद हैं—लेकिन इस तरह कचरे में फेंक देना, यह सिर्फ अपराध नहीं बल्कि इंसानियत पर धब्बा है।
बच्ची को गोद लेने की होड़
इस घटना के बाद कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताने लगे। नगर के लोगों का कहना है कि यह बच्ची “भगवान की देन” है, जो मौत से लड़कर जिंदगी की जंग जीत गई।
प्रशासन ने कहा है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बाल संरक्षण विभाग की देखरेख में गोद लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
पुलिस जुटी जांच में
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हाल ही में डिलीवरी हुई महिलाओं की जानकारी खंगालना शुरू कर दिया है। अस्पतालों, दाईयों और आस-पास के इलाकों से पूछताछ की जा रही है।https://www.instagram.com/reel/DN9_Ls3EkL7/?igsh=ajQwc3NndXViMWRt
पुलिस का कहना है कि बच्ची को कचरे में फेंकना गंभीर अपराध है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दुख की बात है कि यह पहली घटना नहीं है, पहले भी निर्दोष नवजातों को इसी तरह मौत के हवाले किया जा चुका है।
यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी सिलवानी और बेगमगंज में नवजात बच्चों को फेंकने के मामले सामने आ चुके हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि हर बार समाज कुछ दिन इस पर चर्चा करता है और फिर भूल जाता है। लेकिन मासूमों की जिंदगी का क्या?Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
समाज को सोच बदलनी होगी
यह घटना सिर्फ एक बच्ची की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सोच पर सवाल खड़ा करती है। आखिर क्यों आज भी बेटियों को बोझ समझा जाता है? क्यों गर्भ में बच्चियों की हत्या होती है और जन्म लेने के बाद उन्हें कचरे में फेंक दिया जाता है?Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
एक तरफ हम “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे लगाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी बेटी को जीने का अधिकार भी नहीं दिया जाता। यह दोहरा रवैया समाज की सच्चाई दिखाता है।
नगर की “लाडली” बनी बच्ची
फिलहाल बच्ची सिविल अस्पताल में सुरक्षित है। नगर के लोग उसे “लाडली” कहकर पुकार रहे हैं। कई लोग रोज अस्पताल जाकर उसका हालचाल पूछ रहे हैं। बच्ची अब पूरे नगर की बेटी बन गई है।
रायसेन जिले के बरेली नगर में नवजात बच्ची को कचरे से जीवित मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। मां के नाम पर कलंक बनी उस महिला ने अपनी कोख से जन्मे बच्चे को मौत के मुंह में धकेल दिया।Cruel mother throws innocent newborn in the garbage
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि अब भी समय है—बेटियों को बोझ नहीं, वरदान समझो। वरना आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।
“नहीं पालना तो हमें दे दो, पर मासूम को कचरे में मत फेंको” – राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल
उदयपुरा विधानसभा के विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बरेली में नवजात बच्ची को कचरा वाहन में फेंके जाने की घटना पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस अमानवीय कृत्य ने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया है।https://dainikhistory.com/
पटेल ने कहा –
“अगर कोई माता-पिता किसी कारणवश बच्चे को नहीं पाल सकते, तो वे हमें सौंप दें। पर मानवता को शर्मसार करने जैसा कृत्य न करें। ईश्वर ने जिसे जन्म दिया है, उसे जीने का अधिकार है।”
उन्होंने आगे कहा कि जैविक माता-पिता चाहे पालना चाहें या न पालना चाहें, लेकिन उस नवजात की देखभाल करना समाज और शासन की जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन सरकार और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर करेंगी।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है, तो बिना हिचक उन्हें अवगत कराएँ। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नवजात के पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी और माता-पिता की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।
पटेल ने सख्त शब्दों में कहा –
“इस प्रकरण में न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया गया है बल्कि कानूनों का भी उल्लंघन हुआ है। कानून अपना काम करेगा और दोषियों पर कार्रवाई निश्चित होगी।”
अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मासूम बिटिया की पूरी जिम्मेदारी समाज और शासन मिलकर उठाएंगे।