कटनी की रहने वाली 29 वर्षीय अर्चना तिवारी, जिनके लापता होने से परिवार और पूरा क्षेत्र दहशत में था, आखिरकार मिल गई हैं। करीब 13 दिनों की बेचैनी और लगातार तलाश के बाद अब परिवार की उम्मीदें रंग लाई हैं। पुलिस और परिजन अर्चना को लेने के लिए निकल चुके हैं और संभव है कि वह कल तक अपने घर पहुंच जाएं।
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कैसे गायब हुईं अर्चना तिवारी?
7 अगस्त को अर्चना तिवारी इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुई थीं। वह कटनी अपने घर रक्षा बंधन मनाने जा रही थीं। आखिरी बार उनका मोबाइल फोन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ट्रेस हुआ था। इसके बाद से फोन बंद हो गया और उनका कोई अता-पता नहीं चला।
यहीं से उनकी गुमशुदगी की कहानी शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और रानी कमलापति से लेकर इटारसी और कटनी तक का इलाका खंगाला। रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस की तलाश और सर्च अभियान
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बड़े स्तर पर तलाश शुरू की।
भोपाल, इटारसी और कटनी के रेलवे स्टेशन
आसपास के बस अड्डे और ट्रैवल एजेंसियां
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन
इन सभी जगहों पर गहन सर्च किया गया। पुलिस ने हर पहलू से जांच की – अपहरण, दुर्घटना, या फिर मानव तस्करी।
कांस्टेबल पर पड़ा शक
तफ्तीश के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा। पता चला कि ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में तैनात कांस्टेबल राम तोमर ने अर्चना तिवारी के नाम पर टिकट बुक कराया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
हालांकि, परिवार ने कांस्टेबल को पहचानने से इनकार कर दिया। तोमर का कहना था कि उसने टिकट जरूर कराया था लेकिन अर्चना ने शायद किसी और टिकट पर यात्रा की थी। फिलहाल, यह रहस्य भी पुलिस के लिए जांच का विषय बना हुआ है।
परिजनों की बेबसी और दर्द
अर्चना के अचानक लापता होने के बाद से परिवार सदमे में था। घरवालों ने इसे मानव तस्करी का मामला बताते हुए जांच सीबीआई को सौंपने की मांग तक कर दी थी। उनके ताऊ बाबू प्रकाश तिवारी ने यहां तक कहा कि –
“यह मामला सामान्य गुमशुदगी का नहीं है, इसमें गहरी साजिश है।”
परिवार की बेचैनी और चिंता की वजह भी साफ थी – अर्चना एक शिक्षित और महत्वाकांक्षी युवती थीं। वह इंदौर हाई कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही थीं और सिविल जज की तैयारी भी कर रही थीं।
आखिरकार अर्चना ने खुद दी खबर
लगातार 13 दिनों तक अनिश्चितता बनी रही। फिर अचानक बुधवार को स्थिति बदल गई। सूत्रों के मुताबिक, अर्चना तिवारी ने खुद अपने घर फोन करके जानकारी दी कि वह सुरक्षित हैं। खबर मिलते ही घर में खुशी की लहर दौड़ गई।
जैसे ही परिजनों और पुलिस को सूचना मिली, वे तुरंत अर्चना को लेने के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि अर्चना अपने घर 900 किलोमीटर दूर से वापस लौट रही हैं और संभव है कि वह कल तक कटनी पहुंच जाएं।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर अर्चना इतनी दिनों तक कहां थीं? कैसे अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया और फिर उन्होंने घर क्यों नहीं बताया? पुलिस भी अब इस रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए जुट गई है।
फिलहाल, अर्चना के मिलने की खबर से परिवार और पूरे कटनी शहर ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द इस मामले का पूरा सच सामने आएगा।