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इंस्टाग्राम खोला और नेपाल एयरपोर्ट पर पकड़ी गई अर्चना तिवारी, यूपी व नेपाल पुलिस सहयोग से MP पुलिस ने पकड़ा Archana Tiwari was arrested from Nepal

कटनी की अर्चना तिवारी 13 दिन बाद नेपाल एयरपोर्ट से मिलीं। इंस्टाग्राम पर एक्टिव होने से पुलिस ने लोकेशन ट्रैक की। यूपी पुलिस की मदद से बरामदगी हुई, लेकिन पुलिस बयान और सच्चाई में फर्क है। क्या यह मामला लव अफेयर का है या किडनैपिंग का? जानिए पूरा सच।

On: August 20, 2025 11:06 AM
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भोपाल। कटनी की रहने वाली 29 वर्षीय वकील अर्चना तिवारी आखिरकार मिल गई हैं। करीब 13 दिन से लापता अर्चना को पुलिस ने नेपाल से बरामद किया है। लेकिन इस बरामदगी ने जितना परिवार को राहत दी है, उतने ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, जीआरपी भोपाल का कहना है कि अर्चना को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया है, जबकि सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि उन्हें नेपाल के धनगढ़ी शहर के एयरपोर्ट से यूपी पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। बड़ा सवाल यह है कि जब लड़की 13 दिन से गायब थी और सीधे नेपाल पहुंच गई तो आखिर एमपी पुलिस इतने दिनों तक क्या कर रही थी?

कैसे गायब हुईं अर्चना तिवारी?

अर्चना तिवारी 7 अगस्त को इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह कटनी अपने घर रक्षा बंधन मनाने जा रही थीं। आखिरी बार उनका मोबाइल फोन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर ट्रेस हुआ था, जिसके बाद से मोबाइल बंद हो गया और अर्चना का कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद जीआरपी ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की CCTV फुटेज खंगाली गई

इटारसी और कटनी तक तलाश हुई

साइबर सेल भी एक्टिव की गई

लेकिन नतीजा शून्य रहा।

कांस्टेबल पर पड़ा शक

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्वालियर में तैनात एक कांस्टेबल राम तोमर ने अर्चना के नाम से ट्रेन टिकट बुक कराया था। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लिया। लेकिन परिवार ने इस कांस्टेबल को पहचानने से इनकार कर दिया।

राम तोमर ने सफाई दी कि उसने टिकट जरूर बुक किया था लेकिन अर्चना शायद किसी और टिकट से यात्रा कर रही थी। यह एंगल भी अब पुलिस की जांच का हिस्सा है।

परिवार की पीड़ा

अर्चना के अचानक गायब हो जाने से परिवार सदमे में था। उन्होंने इसे मानव तस्करी का मामला बताते हुए CBI जांच की मांग कर डाली थी। अर्चना के ताऊ बाबू प्रकाश तिवारी ने आरोप लगाया था कि –
“यह साधारण गुमशुदगी का मामला नहीं है, इसमें गहरी साजिश है।”

परिवार की बेचैनी समझी जा सकती है क्योंकि अर्चना न केवल पढ़ी-लिखी और महत्वाकांक्षी युवती थीं, बल्कि इंदौर हाईकोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस भी कर रही थीं और सिविल जज की तैयारी कर रही थीं।

नेपाल से कैसे मिली अर्चना?

करीब 13 दिनों तक तलाश में लगी पुलिस को आखिरकार 19 अगस्त को सफलता मिली। सूत्रों के मुताबिक, अर्चना ने नेपाल में अपना इंस्टाग्राम अकाउंट खोला, जिसके बाद साइबर टीम ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली।

बताया जा रहा है कि वह नेपाल के काठमांडू से धनगढ़ी एयरपोर्ट पहुंची थीं। वहीं यूपी पुलिस और लोकल नेपाल पुलिस की मदद से अर्चना को पकड़ लिया गया।

जीआरपी भोपाल एसपी राहुल लोढ़ा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा –
रेलवे भोपाल एसपी राहुल लोढ़ा ने जानकारी दी पिछले 12 दिन से पुलिस तलाश कर रही है मिड घाट के जंगल सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया जगह पर कई सारे सीसीटीवी फुटेज चेक किया साइबर टीम भी काम कर रही थी 19 अगस्त को सफलता मिली है हमारी टीम लखीमपुर खीरी करके जगह है नेपाल बॉर्डर के पास वहां से अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया है पुलिस वहां से अर्चना तिवारी को लेकर भोपाल निकल गई है जल्द ही बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी

पुलिस के बयान और सच्चाई में फर्क

यहां सबसे बड़ा विवाद पुलिस के बयान को लेकर है। पुलिस दावा कर रही है कि अर्चना को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया, जबकि हकीकत यह है कि उसे नेपाल के धनगढ़ी एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।

लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर पुलिस सच्चाई क्यों छुपा रही है?

क्या मामला केवल गुमशुदगी का है या फिर लव अफेयर/किडनैपिंग की कहानी है?

पुलिस 13 दिन तक हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठी रही?

लड़की कैसे इंदौर से नेपाल पहुंच गई और किसी को भनक तक नहीं लगी?

लव अफेयर का एंगल

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को जांच में पता चला है कि अर्चना का शुजालपुर के एक युवक से लव अफेयर था।

गायब होने से पहले अर्चना ने नया मोबाइल खरीदा था।

उसने नए नंबर से उस युवक से संपर्क किया।

युवक ने ही अर्चना को नेपाल जाने की सलाह दी थी।

पुलिस ने CDR के जरिए इस युवक के बारे में इनपुट निकाले हैं।

यानी पूरा मामला अब लव अफेयर की तरफ इशारा कर रहा है।

भोपाल लाई गई अर्चना

अर्चना को नेपाल से लाने के बाद भोपाल पहुंचाया गया है। फिलहाल पुलिस ने उसे GRP थाने या एसपी ऑफिस नहीं लाया, बल्कि अज्ञात जगह पर पूछताछ की जा रही है। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच पुलिस इस मामले पर बड़ा खुलासा कर सकती है।

लोगों के मन में उठते सवाल

अर्चना 13 दिन तक नेपाल में क्या कर रही थी?

उसने परिवार को क्यों नहीं बताया कि वह सुरक्षित है?

क्या वह खुद गई थी या किसी के बहकावे में आई?

पुलिस सच्चाई छुपा क्यों रही है?

इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।

राहत की सांस

हालांकि एक बात तय है – अर्चना के सुरक्षित मिलने से उसके परिवार और पूरे कटनी जिले ने राहत की सांस ली है। 13 दिन से लगातार चिंता और बेचैनी में जी रहे परिजनों के चेहरे पर अब मुस्कान लौट आई है।

अब सभी की निगाहें पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जिसमें इस रहस्यमयी गुमशुदगी की पूरी कहानी सामने आ सकती है।


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