प्रदीप कुमार दुर्ग । Vishwakarma Jayanti पूरे प्रदेश की तरह बुधवार को भगवान विश्वकर्मा की जयंती दुर्ग जिले में भी बड़ी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई गई। इस मौके पर हाथखोज स्थित एचटीसी परिसर में विशेष आयोजन हुआ, जिसमें सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। श्रद्धालु परिवारों सहित पहुंचे और भगवान विश्वकर्मा की आराधना में डूबे नजर आए।
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पूजा-अर्चना और प्रतिमा स्थापना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापना और विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से पूरा परिसर गूंज उठा। एचटीसी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह और उनकी टीम ने पूरे विधि-विधान से पूजा कर प्रदेश और समाज की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। Vishwakarma Jayanti
इस दौरान सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सिर्फ औजारों और निर्माण कार्यों के देवता नहीं हैं, बल्कि वे सृष्टि के रचयिता और हर इंसान के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती का महत्व केवल भारत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे विश्व में इसे धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। Vishwakarma Jayanti
भक्तों की भीड़ और भक्ति का माहौल
सुबह से ही एचटीसी परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। हर कोई भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के दर्शन करने और आशीर्वाद पाने के लिए उमंग से पहुंचा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी श्रद्धा और आस्था से पूजा में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और हर तरफ भक्ति के स्वर गूंजते रहे। Vishwakarma Jayanti
कार्यक्रम में विशेष आकर्षण भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा रही, जिसे परिसर में स्थापित किया गया। श्रद्धालुओं ने दिनभर दर्शन किए और कल विधिविधान से उसका विसर्जन किया जाएगा। Vishwakarma Jayanti
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10 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारा
आयोजन समिति और एचटीसी परिवार की ओर से आगंतुकों के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की गई थी। करीब 10,000 श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा रखा गया, जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में हर वर्ग और समुदाय के लोग शामिल हुए और एक साथ बैठकर भोजन किया। इस अवसर ने लोगों को आपसी भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया। Vishwakarma Jayanti
विशेष व्यवस्थाएं और स्वागत
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। आने वाले सभी भक्तों के लिए बैठने, प्रसाद और जलपान की पूरी व्यवस्था की गई थी। साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा तक का ध्यान रखा गया। Vishwakarma Jayanti
एकता और श्रद्धा का संदेश
विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज को एकजुट होकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पर्व मनाने का अवसर दिया। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, बल्कि लोगों में एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।
भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के देवता और निर्माण कार्यों के संरक्षक के रूप में पूजने की परंपरा हर साल पूरे देश में बड़े उत्साह से निभाई जाती है। इस बार दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम ने इस परंपरा को और भी भव्य रूप दिया और श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। Vishwakarma Jayanti
इस तरह दुर्ग जिले के हाथखोज स्थित एचटीसी परिसर में हुई विश्वकर्मा जयंती का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और एकता का प्रतीक बन गया। प्रतिमा स्थापना, पूजन-अर्चन, विशाल भंडारे और भक्तों की भीड़ ने कार्यक्रम को खास बना दिया और भगवान विश्वकर्मा के संदेश को समाज तक पहुंचाने का काम किया। Vishwakarma Jayanti