जगदलपुर। torrential rain cg बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश का असर इतना ज्यादा है कि पहली बार जगदलपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर केशलूर इलाके में नेशनल हाइवे-30 पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। तेज बहाव के कारण सड़क पर लगभग 2 फीट तक पानी आ गया है, जिसकी वजह से सैकड़ों वाहन हाईवे पर ही फंस गए और यातायात ठप हो गया।
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torrential rain cg
(ue to continuous heavy rainfall in Bastar, normal life has been thrown out of gear. For the first time, floodwaters have started flowing over the National Highway near Keshlur, around 20 kilometers from Jagdalpur, cutting off road connectivity with Sukma, Dantewada, and Bijapur districts. Hundreds of vehicles got stranded, causing severe inconvenience to commuters.)
नेशनल हाइवे पर थमी रफ्तार
जगदलपुर को सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों से जोड़ने वाला यह नेशनल हाइवे बस्तर की जीवन रेखा माना जाता है। लेकिन इस बार भारी बारिश और बाढ़ के कारण यह संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सड़क पर खड़े वाहनों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। वहीं ड्राइवर और यात्री हाईवे पर फंसे हुए हैं और उनके लिए यह स्थिति परेशानी का सबब बन गई है।https://www.facebook.com/share/1BzYkPvfJf/
मौसम विभाग ने पहले ही किया था अलर्ट
मौसम विभाग ने पहले ही बस्तर संभाग के लिए 48 घंटे का अलर्ट जारी किया था। चेतावनी दी गई थी कि जिले के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। रविवार रात लगभग 1 बजे से ही बस्तर और सुकमा जिले में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। लगातार बरसात से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
पहली बार हाइवे पर बाढ़ का पानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब केशलूर इलाके में बाढ़ का पानी नेशनल हाइवे के ऊपर से बह रहा है। आमतौर पर यह सड़क सुरक्षित मानी जाती थी, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता ने हालात बिगाड़ दिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत हाईवे पर सफर न करें।
वाहनों के पहिए थमे, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
बाढ़ का पानी हाईवे पर आते ही सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंस गए हैं। कई यात्री घंटों से सड़क पर खड़े हैं। लोग किसी तरह सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं। वहीं भारी वाहनों की लंबी लाइनें दोनों ओर देखने को मिल रही हैं।
झीरम नाला भी उफान पर
सुकमा की ओर जाने वाले रास्ते में झीरम नाला भी उफान पर है। पानी का तेज बहाव देखकर वाहन चालकों ने आगे बढ़ना बंद कर दिया है। कई जगहों पर प्रशासन और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश से जहां नेशनल हाइवे बंद हुआ है, वहीं गांव-देहात में भी स्थिति गंभीर है। कई कच्चे मकान गिर गए हैं और खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है और अस्पताल पहुंचने में लोगों को दिक्कत हो रही है।https://dainikhistory.com/crime/suicide-due-to-egg-vegetable-teej-due-to-fast-wife-refuses-to-make-egg-vegetable/
प्रशासन की अपील
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पानी का बहाव कम होगा, हाईवे को दोबारा खोलने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की अपील की गई है।
बस्तर की यह बारिश इस बार लोगों के लिए परेशानी बन गई है। पहली बार नेशनल हाइवे पर बाढ़ का पानी बहते देख लोग चिंतित हैं। आने वाले दिनों में अगर बारिश का यही हाल रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग अब मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहे हैं ताकि जनजीवन पटरी पर लौट सके।