Road safety राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निर्देशानुसार फरसगांव में “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर विकासखंड स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में यातायात नियमों की समझ और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
प्रतियोगिता में विकासखंड की छह शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों ने हिस्सा लिया। इसमें पीएम श्री सेजेस फरसगांव की छात्राओं ने पक्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं विपक्ष में शासकीय आदर्श हायर सेकेंडरी विद्यालय के छात्रों ने प्रथम स्थान हासिल किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता का आयोजन और निर्णायक
इस वाद विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में शिवकुमार साहू, सुशीला नेता, रितु मिश्रा और पुलिस विभाग से आरक्षक श्रीमती बीना मांडवी मौजूद थीं। उन्होंने छात्रों को पक्ष और विपक्ष में पांच-पांच के समूह बनाकर अपनी बात रखने का अवसर दिया। छात्रों ने सड़क सुरक्षा को लेकर गहन विचार रखे और बताया कि किस तरह लापरवाही जीवन को खतरे में डाल सकती है।
अधिकारीयों ने दिए मार्गदर्शन
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीराम ताराम ने सड़क सुरक्षा नियमों के महत्व को बताते हुए कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां जीवन की रक्षा कर सकती हैं। वहीं एबीओ उदित सोनी ने बच्चों को वाहन चलाते समय नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही।
बीआरसी अशोक मरकाम ने कहा कि छात्र समाज में जागरूकता फैलाने की एक मजबूत कड़ी हैं। अगर विद्यार्थी आगे बढ़कर संदेश देंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क सुरक्षा का महत्व पहुंचेगा। वहीं संस्था के प्राचार्य महावीर जायसवाल ने बच्चों से अपील की कि वे इस विषय पर और अधिक मंथन करें और जिला स्तर पर भी अपनी प्रस्तुति दें।
सड़क सुरक्षा पर गहन मंथन
छात्रों ने वाद-विवाद में कई मुद्दों को उठाया। कुछ छात्रों ने बताया कि यातायात नियमों का पालन न करने से रोजाना हजारों लोगों की जान जाती है। हेलमेट और सीट बेल्ट जैसी छोटी सावधानियां भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती हैं। वहीं विपक्ष में खड़े छात्रों ने कहा कि नियम केवल बनाए जाने से दुर्घटनाएं नहीं रुकेंगी, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी होगी।
जागरूकता का मजबूत संदेश
इस प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों को अपनी अभिव्यक्ति का मौका दिया बल्कि समाज में भी एक जागरूकता संदेश फैलाया। बच्चों ने यह साबित किया कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हर नागरिक का कर्तव्य है।
फरसगांव में आयोजित यह वाद विवाद प्रतियोगिता इस बात का प्रतीक है कि नई पीढ़ी अब सामाजिक मुद्दों को लेकर गंभीर हो रही है। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों ने भी छात्रों की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में न सिर्फ जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें समाजहित के विषयों पर सोचने के लिए भी प्रेरित करते हैं।