कोंडागांव Ration Shop Scam जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत आलोर में राशन वितरण को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ की राशन दुकान पर हितग्राहियों को अगस्त 2025 का चावल अब तक नहीं मिला है। लोगों का आरोप है कि उनके राशन कार्ड पर अगस्त महीने की एंट्री तो कर दी गई, लेकिन असल में उन्हें सिर्फ़ जून और जुलाई का ही चावल दिया गया। इस गड़बड़ी से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
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ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जून, जुलाई और अगस्त—तीनों महीनों का चावल एक साथ मिलना था। लेकिन जब वे दुकान पर पहुँचे तो उन्हें केवल जून और जुलाई का ही चावल दिया गया। अगस्त माह के चावल की डिलीवरी गायब बताई गई। जब ग्रामीणों ने विक्रेता से पूछा तो उसने साफ कह दिया कि “अगस्त के लिए चावल का आवंटन नहीं आया है।” Ration Shop Scam
यह सुनकर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। उनका कहना है कि सरकार हर महीने गरीब हितग्राहियों को सस्ती दर पर चावल उपलब्ध कराती है, लेकिन अगर दुकानदार ही इस तरह मनमानी करेंगे तो गरीब परिवार कैसे अपना घर चलाएंगे? Ration Shop Scam
सितंबर का राशन बाँटा जा रहा, लेकिन अगस्त गायब
ग्रामीणों ने बताया कि अब सितंबर माह का राशन भी बाँटा जा रहा है, लेकिन अगस्त का चावल अब तक नहीं दिया गया। इसका मतलब है कि एक महीने का राशन सीधे-सीधे हितग्राहियों की थाली से काट दिया गया। इससे कई गरीब परिवारों को बाज़ार से महंगे दामों पर चावल खरीदकर गुज़ारा करना पड़ रहा है। Ration Shop Scam
प्रशासन से शिकायत और ज्ञापन
ग्राम आलोर के ग्रामीणों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए फरसगांव के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) को लिखित शिकायत दी है। साथ ही तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी और खाद्य अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपकर इस गड़बड़ी की निष्पक्ष जाँच की मांग की है। Ration Shop Scam
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ़ राशन की समस्या नहीं है, बल्कि गरीब जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएँ आगे भी होती रहेंगी। Ration Shop Scam
क्या कहते हैं ग्रामीण?
ग्राम के हितग्राही रामलाल ने बताया – “हमारे कार्ड पर तीन महीने का राशन लिखा हुआ है, लेकिन दिया सिर्फ़ दो महीने का गया। अब घर में राशन खत्म हो गया तो बाज़ार से महंगे दाम पर चावल खरीदना पड़ रहा है। अगर हमें समय पर राशन मिलता तो ये परेशानी नहीं होती।” Ration Shop Scam
वहीं महिला हितग्राही सावित्री ने कहा – “सरकार गरीबों के लिए योजनाएँ तो बहुत बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी और दुकानदार मिलकर गरीबों को लूटते हैं। इस बार हमें अगस्त का चावल ही नहीं दिया गया।” Ration Shop Scam
एसडीएम ने दिलाया भरोसा
इस मामले पर फरसगांव के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आश्वन कुमार पुसाम ने कहा कि ग्राम आलोर के ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। इस पर संबंधित राशन दुकान की जांच करवाई जाएगी। यदि जाँच में लापरवाही और गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Ration Shop Scam
गरीबों के साथ बड़ा अन्याय
राशन कार्डधारकों का कहना है कि अगर सरकार का अनाज दुकानदार और बिचौलियों की जेब में ही चला जाएगा तो गरीब जनता भूखी रह जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अगस्त माह का चावल हितग्राहियों तक पहुँचाया जाए और दोषी दुकानदार पर कार्रवाई हो। Ration Shop Scam
आखिर क्यों होती है ऐसी गड़बड़ी?
ऐसे मामलों में अक्सर यह देखा गया है कि राशन दुकान संचालक या तो अनाज का हिस्सा ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं या फिर कमीशनखोरी के चक्कर में हितग्राहियों तक समय पर अनाज नहीं पहुँचाते। यही वजह है कि गाँव के गरीब परिवारों को अक्सर अपने हक़ का राशन पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। Ration Shop Scam
ग्रामीणों की अपील
ग्राम आलोर के लोगों ने एकजुट होकर यह ठान लिया है कि वे अपने हक़ का राशन लेकर ही रहेंगे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। Ration Shop Scam
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