कांकेर। Jharkhand Man Found अक्सर पुलिस का नाम आते ही लोगों के मन में सख्ती और जांच-पड़ताल की छवि उभरती है, लेकिन कांकेर पुलिस ने एक मिसाल पेश की है। इंसानियत और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुलिस ने झारखंड से भटके एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को न केवल सुरक्षित संभाला बल्कि उसके परिजनों तक सकुशल पहुंचा भी दिया।
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खेत-जंगल के पास भटकते मिले
घटना 17 सितंबर 2025 की है। थाना ताड़ोकी को सूचना मिली कि एक अज्ञात व्यक्ति पिछले दो दिनों से हवेचुर गांव के खेत और जंगल किनारे अर्धनग्न अवस्था में भटक रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा है और इधर-उधर भटक रहा है। Jharkhand Man Found
पुलिस टीम ने बेहद संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उससे बातचीत शुरू की। पहले उसे कपड़े पहनाए, पानी और नाश्ता दिया। धीरे-धीरे बातचीत में उसने अपना नाम नेहमिया मुंडु, उम्र 33 वर्ष, जिला खुंटी (झारखंड) बताया। Jharkhand Man Found
स्वास्थ्य जांच और परिवार से संपर्क
थाना प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी ने तुरंत उसे सुरक्षित थाने लाकर पूछताछ की। इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ भेजा गया। साथ ही खुंटी जिले के थाना सोयको से संपर्क कर परिवार को जानकारी दी गई।
जानकारी मिलते ही नेहमिया मुंडु का परिवार बेहद खुश हुआ। पुलिस की इस पहल से उन्हें वर्षों बाद अपने गुमशुदा सदस्य से मिलने का अवसर मिला। Jharkhand Man Found
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परिजनों को सौंपा गया
18 सितंबर 2025 को नेहमिया मुंडु का बड़ा भाई प्रभुसहाय मुंडु कांकेर पहुंचा। गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने नेहमिया को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान परिजन भावुक हो गए और कांकेर पुलिस का दिल से आभार जताया।
अधिकारियों का मार्गदर्शन और टीम की भूमिका
इस मानवीय कार्य में कांकेर पुलिस ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता दिखाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई.के. एलिसेला (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर (रा.पु.से.) और नक्सल ऑपरेशन प्रभारी गिरिजाशंकर साव के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। Jharkhand Man Found
थाना प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में सउनि शिवचरण मरकाम, सउनि देवेन्द्र सहगल, प्रधान आरक्षक संत राम ओट्टी, प्रधान आरक्षक देवनारायण गंगासागर, आरक्षक घासीराम मंडावी, महेन्द्र चनापे, रवि ठाकुर, बुधराम दुग्गा और पंकज मरकाम ने अहम भूमिका निभाई। Jharkhand Man Found
क्यों है यह पहल खास?
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल अपराध से लड़ने वाली मशीनरी नहीं है, बल्कि समाज का हिस्सा है। जब कोई बेबस और लाचार इंसान सामने होता है, तो पुलिस भी उसके लिए परिवार जैसी सुरक्षा बन जाती है।
कांकेर पुलिस की यह पहल इसलिए भी सराहनीय है क्योंकि आज के समय में जहां लोग अपने काम से फुरसत में नहीं होते, वहीं पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न सिर्फ व्यक्ति को सुरक्षित संभाला बल्कि उसे घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई।
इंसानियत की मिसाल
नेहमिया मुंडु जैसे मानसिक रोगियों के लिए घर से दूर भटकना बेहद खतरनाक हो सकता था। लेकिन पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई ने एक परिवार की जिंदगी बदल दी। यह केवल एक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि इंसानियत की बड़ी मिसाल है।
समाज को संदेश
कांकेर पुलिस का यह मानवीय कदम समाज को यह संदेश देता है कि हमें भी ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सड़क पर या जंगल में मानसिक रोगी या लावारिस दिखे तो प्रशासन को सूचना देना हमारी जिम्मेदारी है। Jharkhand Man Found
कांकेर पुलिस की यह कार्रवाई आने वाले समय में दूसरे जिलों और राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।