कोण्डागांव। ITBP Hindi Pakhwada देश की राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने और कार्यक्षेत्र में इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देशभर में 14 से 29 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय (भुवनेश्वर) आईटीबीपी में हिंदी पखवाड़े की शुरुआत बड़े ही उत्साह के साथ की गई। इस कार्यक्रम से क्षेत्रीय मुख्यालय, खोर्द्धा (ओडिशा) के अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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अमित शाह ने किया राष्ट्रीय हिंदी दिवस का शुभारंभ
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में गांधीनगर, गुजरात में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए हिंदी दिवस की शुरुआत की थी। उन्होंने सभी केंद्रीय कार्यालयों और संस्थानों से हिंदी पखवाड़ा मनाने और राजभाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर देने का आह्वान किया था।
हिंदी को सरल और सहज बनाने पर जोर
कोण्डागांव में आयोजित इस समारोह में सेनानी (स्टाफ) एएन दत्ता ने सभी कर्मचारियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और अपने संबोधन में सरकारी कार्यों में सरल और सहज हिंदी अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि देश की एकता और संस्कृति का प्रतीक है।
प्रतियोगिताओं से बढ़ेगा उत्साह
समारोह के दौरान सहायक सेनापति (राजभाषा) ने जानकारी दी कि हिंदी पखवाड़े के दौरान कुल सात प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें निबंध लेखन, कविता लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो प्रतियोगिताएं विशेष रूप से हिंदीतर भाषी कर्मचारियों के लिए होंगी, ताकि वे भी हिंदी के प्रति आत्मीयता और आत्मविश्वास महसूस कर सकें।
उन्होंने सभी कर्मचारियों से इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की और बताया कि ऐसे आयोजन से न केवल हिंदी के प्रयोग में सहजता आएगी बल्कि कार्यस्थल पर इसका इस्तेमाल भी बढ़ेगा।
हिंदी दिवस का महत्व
हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। दरअसल, 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली राजभाषा के रूप में अंगीकार किया था। यही कारण है कि इस दिन हिंदी भाषा के महत्व को याद करते हुए सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हिंदी दिवस और पखवाड़े का उद्देश्य यही है कि लोग अधिक से अधिक कार्य हिंदी में करें और इसे दैनिक जीवन तथा प्रशासनिक कार्यों की भाषा बनाने के लिए प्रेरित हों।
कर्मचारियों में दिखा जोश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों में काफी जोश और उत्साह देखने को मिला। हिंदी दिवस से लेकर हिंदी पखवाड़े तक सभी कर्मचारी हिंदी भाषा में काम करने और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित दिखे।
राजभाषा से राष्ट्रीय एकता
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा है। भले ही अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग बोलियां और भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन हिंदी एक ऐसी भाषा है जो पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोती है। हिंदी पखवाड़ा सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह भाषा को सम्मान देने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है।
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सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय आईटीबीपी में हिंदी पखवाड़े की शुरुआत एक सकारात्मक पहल है। ऐसे आयोजनों से न केवल हिंदी भाषा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा। आने वाले दिनों में होने वाली प्रतियोगिताएं निश्चित ही कर्मचारियों में हिंदी के प्रति और ज्यादा लगाव और अपनापन पैदा करेंगी।