डिकेश शर्मा दुर्गूकोंदल, Gandhi Tejaswi effigy burning छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल मुख्य चौक पर मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का पुतला जलाया और जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।
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अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भड़का गुस्सा
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। इसे भाजपा ने बेहद शर्मनाक और असंवेदनशील बताया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री पर हमला नहीं बल्कि देश की जनता की भावनाओं का भी अपमान है। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और महागठबंधन नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। Gandhi Tejaswi effigy burning
पूरे देश में उठ रही विरोध की लहर
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल दुर्गूकोंदल की बात नहीं है। देशभर में पार्टी के कार्यकर्ता ऐसे बयान का कड़ा विरोध कर रहे हैं। कई राज्यों और जिलों में कांग्रेस और आरजेडी नेताओं के खिलाफ पुतला दहन किया गया है। भाजपा नेताओं ने इसे “अभद्र राजनीति” करार देते हुए कहा कि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है और अब केवल व्यक्तिगत हमलों तक सीमित हो गया है। Gandhi Tejaswi effigy burning
दुर्गूकोंदल में दिखा जोश
दुर्गूकोंदल मंडल के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में खासा सक्रिय दिखे। कार्यकर्ताओं ने चौक पर एकजुट होकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ नारे लगाए। “नेता माफी मांगो” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा चौक गूंज उठा।
पुतला दहन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ कार्यकर्ता सियाराम जैन, अशोक जैन, जिला प्रतिनिधि पीलम नरेटी, इसु आरदे, फूलसिंह मंडावी, रामलाल जैन, जवाहर ठाकुर, तुलसी मतलामी, बलराम टेपरिया, सियाराम मंडावी, रघुनाथ मंडावी, कृष्णा पटेल, भगवान गावड़े, मनोज दुग्गा, सोहन उइके, रामप्रसाद पुंगाटी, तुका पटेल, राजू नायक, नामदेव मरकाम, सतीश जैन, राहुल जाम्बुरकर, मनोज बघेल, नेमचंद दरियों, योगेश कुलदीप, अनिल उइके, शिवन नेताम, गौतम कोटिंगला, प्रवीण सहारे, कैलाश जैन, बीरेंद्र जैन, अमित केमरो, हितेश संघिया, बिसन यादव और मनीलाल सोरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। Gandhi Tejaswi effigy burning https://dainikhistory.com/
भाजपा का बड़ा संदेश
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि वह अपने नेताओं के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। Gandhi Tejaswi effigy burning
जनता में चर्चा का विषय
यह प्रदर्शन दुर्गूकोंदल कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा। लोग चौक पर रुककर प्रदर्शन देख रहे थे और भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश को महसूस कर रहे थे। कई स्थानीय नागरिकों ने भी माना कि किसी भी नेता को व्यक्तिगत तौर पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। Gandhi Tejaswi effigy burning
आगे की रणनीति
भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव माफी नहीं मांगते तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का यह सिलसिला गांव से लेकर शहर तक जारी रहेगा और जनता तक विपक्ष के असली चेहरे को उजागर किया जाएगा। Gandhi Tejaswi effigy burning
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