प्रदीप कुमार दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर विधायक और नव-नियुक्त मंत्री गजेंद्र यादव बुधवार को अपने पैतृक गांव अहिवारा पहुंचे। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहला गांव आगमन था, जिसका इंतजार कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़े बेसब्री से कर रहे थे। जैसे ही गजेंद्र यादव गांव पहुंचे, पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
गांव में प्रवेश करते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यकर्ता और ग्रामीण लंबी कतारों में खड़े होकर उनसे मिलने के लिए उत्सुक नजर आए। इतने बड़े जनसमूह को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़े। कार्यकर्ताओं को बारी-बारी से अंदर भेजा गया और करीब दो घंटे तक मुलाकात का सिलसिला चलता रहा।
परिवार ने किया पारंपरिक स्वागत
घर पहुंचने पर गजेंद्र यादव का स्वागत उनके परिवार ने पारंपरिक रीति-रिवाज से किया। मां और बहनों ने आरती उतारी, जबकि पिता से उन्होंने आशीर्वाद लिया। कुल देवता के दर्शन कर उन्होंने आभार जताया। गजेंद्र यादव ने कहा—
“हम मूल रूप से अहिवारा के ही हैं और हर शुभ कार्य से पहले कुल देवता की पूजा करते हैं। मंत्री बनने के बाद सबसे पहले पैतृक गांव आकर आशीर्वाद लेना मेरे लिए बेहद खास है।”
कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर
गांव में हर ओर जश्न का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। कई जगह ढोल-ढमाकों के बीच नाच-गाना भी हुआ। ग्रामीणों का कहना था कि गजेंद्र यादव की मंत्री पद पर नियुक्ति गांव और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
गजेंद्र यादव का संकल्प
इस मौके पर गजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद जताते हुए कहा कि—
“मुझे एक छोटे से कार्यकर्ता से मंत्री बनने का अवसर मिला है। यह मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। मेरा पहला वचन है कि मैं जनहित के हर काम को पूरी पारदर्शिता के साथ करूंगा। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना मेरी प्राथमिकता होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि दुर्ग की जनता ने उन्हें रिकॉर्ड मतों से जीत दिलाई है और अब उनकी जिम्मेदारी है कि पूरी ईमानदारी से लोगों की सेवा करें। गजेंद्र यादव ने भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए प्रदेश के विकास में अपना पूरा योगदान देंगे।
पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल
गांव में गजेंद्र यादव के आगमन को लेकर पहले से ही तैयारियां चल रही थीं। सड़कों पर रंगोली बनाई गई, जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए और कार्यकर्ताओं ने झंडे-बैनर के साथ उत्साह जताया। छोटे-बड़े हर वर्ग के लोग उनके स्वागत में शामिल हुए। महिलाओं ने थालियों में आरती सजाकर उनका अभिनंदन किया, वहीं युवाओं ने बाइक रैली निकालकर खुशी जाहिर की।
गांव के बुजुर्गों का कहना था कि गजेंद्र यादव हमेशा से जमीन से जुड़े नेता रहे हैं और उनकी सादगी ही उन्हें जनता के दिलों तक पहुंचाती है। मंत्री बनने के बाद भी वे सबसे पहले गांव लौटकर आशीर्वाद लेने आए, यह उनकी संस्कृति और परिवार के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
आगे की दिशा
गजेंद्र यादव ने कहा कि आने वाले समय में वे गांव और क्षेत्र के विकास के लिए नई योजनाओं पर काम करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर फोकस करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री के विज़न के साथ कदम से कदम मिलाकर छत्तीसगढ़ को प्रगति की ओर ले जाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।