जितेंद्र साहू धमतरी। flood incident Dhamtari बरसात के मौसम में नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते लोगों की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा रविवार को दुगली थाना क्षेत्र में हुआ, जब तीन ग्रामीण नदी पार करते वक्त तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में जहां एक युवक की मौत हो गई, वहीं दो ग्रामीणों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।
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घटना कैसे हुई?
मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के जबर्रा गांव के तीन ग्रामीण—सुकलाल, राजकुमार (35 वर्ष) और मनिहार मरकाम (34 वर्ष)—एक बाइक से गरियाबंद जिले के रावनडिग्गी गांव दवाई खरीदने गए थे। शाम करीब 5:30 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तो रास्ते में काजल नदी पार करनी थी। उस समय बारिश की वजह से नदी का बहाव बहुत तेज हो गया था। flood incident Dhamtari
ग्रामीणों ने बाइक को किनारे खड़ा किया और हाथ पकड़कर नदी पार करने लगे। लेकिन अचानक जलस्तर और तेज बढ़ गया और तीनों बह गए। इस दौरान सुकलाल और राजकुमार ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई और नदी से करीब 200 मीटर दूर सुरक्षित निकल आए। लेकिन मनिहार मरकाम पानी की तेज धार में बह गया और डूब गया। flood incident Dhamtari
शव मिला डेढ़ किलोमीटर दूर
घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग और परिजन रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन यानी सोमवार सुबह पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से खोजबीन की। काफी मशक्कत के बाद मनिहार मरकाम का शव नदी से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर बरामद हुआ। मृतक स्थानीय सरपंच का देवर बताया जा रहा है। flood incident Dhamtari
गांव में पसरा मातम
इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस तरह की घटनाएं आम हो जाती हैं, क्योंकि नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है।
पुल निर्माण की 24 साल से मांग अधूरी
गौर करने वाली बात यह है कि काजल नदी पर पुल निर्माण की मांग ग्रामीण पिछले 24 सालों से कर रहे हैं। कई बार बजट में प्रस्ताव आने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता पूरे इलाके का मुख्य मार्ग है और इसे पार किए बिना जरूरी सामान, दवाई या अन्य कामों के लिए ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। flood incident Dhamtari
बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। कई बार तो नदी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि लोग जान हथेली पर रखकर इसे पार करने को मजबूर हो जाते हैं। यही वजह है कि इस बार की बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। flood incident Dhamtari
कई गांवों का संपर्क टूटा
ग्रामीणों के मुताबिक, काजल नदी और अन्य नालों में बाढ़ आने से इलाके के मुनईकेरा, रतावाडीह, भोभलाबाहरा, देवगांव, जबर्रा, खरखा और मारागांव समेत दर्जनों गांव ब्लॉक मुख्यालय से कट जाते हैं। ग्रामीण प्रशासन से बार-बार पुल बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। flood incident Dhamtari
जरूरत और मजबूरी दोनों
गांववालों का कहना है कि नदी पार करना उनकी जरूरत भी है और मजबूरी भी। स्कूल, अस्पताल, राशन और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कामों के लिए उन्हें बार-बार नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में यही सफर जानलेवा साबित हो रहा है। flood incident Dhamtari
प्रशासन से उम्मीद
ग्रामीणों ने फिर से प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि काजल नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उनका कहना है कि अब तक हुई लापरवाही ने कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है। flood incident Dhamtari