प्रदीप कुमार दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री पद की शपथ लेने का मौका मिला है। वे कल सुबह 10:30 बजे शपथ ग्रहण करेंगे। इस खबर के सामने आते ही न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे यादव समाज और ओबीसी वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गई है।
पैतृक घर में उत्सव का माहौल
अहिवारा स्थित उनके पैतृक घर में सुबह से ही जश्न का माहौल है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और रिश्तेदार पहुंचकर उनके पिता बिसरा राम यादव को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। घर के बाहर लोगों का तांता लगा हुआ है। हर कोई गजेंद्र यादव की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर कर रहा है और उन्हें बधाई दे रहा है।
यादव समाज और ओबीसी वर्ग की बढ़ी ताकत
गजेंद्र यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं और यादव समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। छत्तीसगढ़ में यादव समाज की बड़ी आबादी है और राजनीति में उनका खास प्रभाव भी माना जाता है। ऐसे में गजेंद्र यादव का मंत्रिमंडल में शामिल होना न सिर्फ यादव समाज बल्कि पूरे ओबीसी वर्ग के लिए गर्व और संतोष का क्षण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व दोनों को मजबूत करने का संदेश दिया है।
शुरू से ही चर्चा में था नाम
जब से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा शुरू हुई थी, तब से ही गजेंद्र यादव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। उनकी सक्रियता, लोकप्रियता और संगठन से मजबूत जुड़ाव ने उन्हें इस अहम जिम्मेदारी तक पहुंचाया है। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
पिता भी रहे हैं RSS से जुड़े
गजेंद्र यादव के पिता बिसरा राम यादव RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं। साल 2016 में उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुई प्रांत स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की थी। पिता का कहना है कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि बेटा मंत्री बन रहा है। उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा –
“मेरा बेटा परिवार और समाज का नाम रोशन करे और संगठन को मजबूत बनाए।”
पूरे समाज के लिए गर्व का क्षण
घर में उत्सव जैसा माहौल है। ढोल-नगाड़ों की आवाज से गूंजता अहिवारा गांव गवाह बन रहा है इस ऐतिहासिक मौके का। यादव समाज के लोग भी इस उपलब्धि पर गदगद नजर आ रहे हैं। यह क्षण न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का है।
राजनीतिक भविष्य को लेकर उम्मीदें
गजेंद्र यादव अब मंत्री के रूप में काम करेंगे, ऐसे में परिवार और समाज दोनों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से दुर्ग क्षेत्र के विकास कार्यों को गति मिलेगी। वहीं युवाओं को रोजगार, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।