बस्तर। आजादी का अमृत महोत्सव देशभर में जोश और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में एफ/188 सीआरपीएफ बटालियन, पुसपाल घाट (बस्तर) ने बुधवार 13 अगस्त 2025 को “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन कमांडेंट भवेश चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें देशभक्ति का रंग गांव-गांव तक बिखर गया।
इस विशेष अवसर पर बटालियन के जवानों ने परोदा, कोरमेल, परिपतपारा और रतेंगा गांवों से होते हुए तिरंगे के साथ शानदार बाइक रैली निकाली। रैली में रतेंगा हाई स्कूल के बच्चे और आसपास के ग्रामीण भी शामिल हुए। सड़कों पर लहराते तिरंगे और गूंजते देशभक्ति के नारों ने माहौल को देश प्रेम से भर दिया।
देशभक्ति की लहर में डूबे गांव
रैली के दौरान हर तरफ तिरंगे की शान नजर आ रही थी। छोटे-बड़े सभी लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए, पूरे जोश और गर्व के साथ चल रहे थे। ग्रामीणों और बच्चों के चेहरों पर जो उत्साह था, वह देखते ही बन रहा था। तिरंगा रैली का मकसद सिर्फ एक था — हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की भावना जगाना और राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना।
तिरंगे का महत्व और आजादी की कहानी
इस मौके पर सहायक कमांडेंट बन्ना राम ने उपस्थित ग्रामीणों और छात्रों को आजादी की कहानी सुनाई और तिरंगे का महत्व समझाया। उन्होंने कहा — “तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान की पहचान है। हमें इसकी गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराकर इस अभियान को सफल बनाएं और देश के प्रति अपने सम्मान को व्यक्त करें।
स्कूल और ग्रामीण समुदाय की शानदार भागीदारी
“हर घर तिरंगा” रैली में रतेंगा हाई स्कूल के प्रधानाचार्य, मिडिल और हाई स्कूल के शिक्षक, एफ/188 सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान, स्कूली बच्चे और सैकड़ों ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रैली के दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने ग्रामीणों और बच्चों के बीच तिरंगे भी बांटे, ताकि हर घर पर तिरंगा लहराया जा सके। बच्चों के हाथों में तिरंगा और आंखों में चमक, देशप्रेम की उस भावना का प्रतीक थी जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
अभियान का संदेश
“हर घर तिरंगा” अभियान का उद्देश्य सिर्फ तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि इसे देश के हर कोने में एकता और सम्मान का प्रतीक बनाना है। इस रैली ने साबित कर दिया कि जब देशभक्ति की बात आती है, तो बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों के लोग भी पीछे नहीं रहते।
एफ/188 सीआरपीएफ बटालियन का यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ावा देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी अपने देश और संस्कृति के प्रति गर्व महसूस करने के लिए प्रेरित करता है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएं
रैली में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव के बच्चों में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है। साथ ही यह भी समझ आता है कि तिरंगा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी पहचान और गर्व का प्रतीक है।