सरगुजा ( Chitfund Scam ) जिले में एक बार फिर चिटफंड ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। थाना गांधीनगर पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले शुभ साईं डीकोन इंडिया लिमिटेड कंपनी से जुड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और निवेशकों को रकम दुगनी करने का सपना दिखाकर लाखों-करोड़ों रुपए ठग लिए थे।
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कैसे हुआ था चिटफंड घोटाला?
यह मामला वर्ष 2014 से जुड़ा है। अंबिकापुर के प्रार्थी सियाराम एक्का ने पुलिस को बताया था कि उन्हें जानकारी मिली थी कि शुभ साईं डीकोन इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी पैसे जमा करने पर 6 साल में रकम दोगुना करने का वादा करती है। इसी लालच में सियाराम कंपनी के मनेन्द्रगढ़ रोड स्थित ऑफिस पहुंचे। वहां संचालक जमुना चौहान, ओमप्रकाश घीवर और प्रकाश मणी ने उन्हें योजना के बारे में विस्तार से बताया और निवेश करने के लिए प्रेरित किया। ( Chitfund Scam )
सियाराम ने हर महीने 1000 रुपए की दर से 13 किश्तें यानी कुल 13,000 रुपए जमा किए। इतना ही नहीं, उन्हें कंपनी का एजेंट भी बना दिया गया ताकि वे और लोगों को निवेश कराने के लिए तैयार कर सकें। सियाराम ने अपने जान-पहचान के कई लोगों का पैसा भी इस कंपनी में जमा कराया। ( Chitfund Scam )
लेकिन जून 2015 में जब वह अपना पैसा जमा करने ऑफिस पहुंचे तो दफ्तर बंद मिला। कंपनी के सभी संचालक और पदाधिकारी मोबाइल बंद कर फरार हो चुके थे। इस तरह सैकड़ों निवेशकों को रकम दुगनी करने का लालच देकर कंपनी ने करोड़ों की ठगी की।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
प्रार्थी की शिकायत पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 232/19 दर्ज किया गया। इस केस में धारा 420, 34 भादवि, इनामी चिटफंड एवं परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1975 की धारा 3, 4 और छत्तीसगढ़ निछेपकों के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत मामला दर्ज हुआ। ( Chitfund Scam )
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही कंपनी के डायरेक्टर समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें ओमप्रकाश घीवर, धीरेन्द्र देवांगन, पूर्णेन्द देवांगन, सीमा देवांगन और जमुना चौहान शामिल थे। ( Chitfund Scam )
लेकिन मुख्य आरोपी प्रकाश मणी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने लगातार उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रकाश मणी साहू (उम्र 42 वर्ष, निवासी पहंदा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग) बताया और अपराध कबूल किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। ( Chitfund Scam )
जांच में जुटी रही पुलिस टीम
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल, उप निरीक्षक रश्मि सिंह, उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक घनश्याम देवांगन, धीरज सिंह और जयनाथ राम की अहम भूमिका रही। टीम की सक्रियता और लगातार खोजबीन के बाद फरार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ सका। ( Chitfund Scam )
ठगी का शिकार हुए निवेशक
इस मामले से साफ है कि लालच और तेजी से पैसा कमाने की चाहत कई बार लोगों को भारी नुकसान में डाल देती है। कंपनी ने पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए योजनाएं बताईं, उन्हें छोटे-छोटे किस्तों में निवेश के लिए तैयार किया और फिर अचानक दफ्तर बंद कर सब फरार हो गए। अब निवेशकों को अपने मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद न्यायालय से ही है।
सावधानी ही है बचाव
ऐसे मामलों ने एक बार फिर यह सबक दिया है कि बिना जांचे-परखे किसी भी चिटफंड या डबल मनी स्कीम में पैसा लगाना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस भी आम नागरिकों से अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध कंपनी या एजेंट के झांसे में न आएं और सही जानकारी मिलने पर ही निवेश करें। ( Chitfund Scam )
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