कांकेर जिले में बच्चों के स्वस्थ भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम नरहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से शुरू हुआ, जहां कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने खुद मौजूद रहकर छोटे बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की।
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शिशु संरक्षण माह 30 सितम्बर 2025 तक जिलेभर में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाना और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को मजबूत करना है।
विधायक नेताम का संदेश: हर बच्चे को मिले जरूरी खुराक
शुरुआती कार्यक्रम में विधायक नेताम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हर माता-पिता को अपने 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को हर छह महीने में विटामिन ‘ए’ की खुराक जरूर दिलानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों का टीकाकरण तय समय पर नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में अवश्य कराएं। child protection month
विधायक ने आगे कहा कि अगर किसी बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है तो उसे नजदीकी कुपोषण केंद्र में भर्ती कराकर सही इलाज करवाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से बच्चों का संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित होता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खास तैयारियां की हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर के निर्देशन में और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ओ.पी. शंखवार के नेतृत्व में जिले के सभी विकासखण्डों में यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। child protection month
इस मौके पर जिला नोडल कुष्ठ अधिकारी डॉ. सुनील सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित वर्मा, वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर एकता भारद्वाज, डब्ल्यूएचओ की टीम, नगर पंचायत नरहरपुर के पार्षदगण, बीएमओ डॉ. भूपेंद्र ध्रुव और विकासखण्ड के तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। child protection month
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने किया।
क्यों जरूरी है शिशु संरक्षण माह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 9 माह से 5 साल तक के बच्चों में विटामिन ‘ए’ की कमी से आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है। यही वजह है कि सरकार हर छह महीने पर बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाने का अभियान चलाती है। child protection month
कुपोषण भी इस उम्र के बच्चों के लिए बड़ा खतरा है। अगर बच्चे का वजन सही समय पर नहीं बढ़ रहा है तो वह गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है। शिशु संरक्षण माह के जरिए लोगों को जागरूक कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर बच्चा स्वस्थ रहे और समय पर उसका विकास हो। child protection month
जिले में जागरूकता अभियान भी
शिशु संरक्षण माह के दौरान सिर्फ बच्चों को खुराक ही नहीं दी जाएगी, बल्कि अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर यह संदेश देंगी कि बच्चों की देखभाल कैसे करें, उन्हें पौष्टिक आहार कैसे दें और टीकाकरण की अहमियत क्या है। child protection month https://dainikhistory.com/
लोगों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग नरहरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। कई अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आए और मौके पर ही उन्हें विटामिन ‘ए’ की सिरप पिलाई गई। विधायक नेताम ने भी अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। child protection month
कांकेर जिले में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अधिक से अधिक बच्चे विटामिन ‘ए’ की खुराक और नियमित टीकाकरण से लाभान्वित होंगे। विधायक आशाराम नेताम के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से यह अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करेगा, बल्कि जिले में कुपोषण की समस्या को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। child protection month